ऊना। हिमाचल किसान सभा का 25वां जिला स्तरीय सम्मेलन रविवार को साथी कर्मचंद हाल में संपन्न हुआ। सम्मेलन में जिला ऊना के विभिन्न क्षेत्रों से किसान प्रतिनिधियों और डेलिगेट्स ने भाग लिया। सम्मेलन में किसानों की समस्याओं, उनकी मांगों और आगामी संघर्षों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सम्मेलन में हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभा के सचिव केके राणा ने बताया कि यह जिला ऊना किसान सभा का 25वां सम्मेलन है। इस दौरान रंजीत सिंह मलूकपुर ने पिछले कार्यकाल की रिपोर्ट प्रस्तुत की और किसान सभा की ओर से किए गए संघर्षों तथा हासिल की गई उपलब्धियों का ब्यौरा रखा।
राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने किसानों की अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और हिमाचल स्तर की परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी मांगों और अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही हैं और बड़े उद्योगपतियों के भारी-भरकम कर्ज माफ किए जा रहे हैं, जबकि किसान छोटे-छोटे कर्ज के बोझ तले परेशान होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
सम्मेलन में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए किसानों की आय, कर्ज, फसलों के उचित दाम, कृषि लागत और किसान हितों से जुड़े अन्य सवालों को लेकर संघर्ष को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और प्रभावी कदमों से होना चाहिए।
सम्मेलन के दौरान 14 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया। इसमें नरिन्दर सिंह मजारा को सर्वसम्मति से जिला प्रधान, केके राणा को सचिव तथा रंजीत सिंह मलूकपुर को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा मजीद खान उपाध्यक्ष, धलुम सिंह सह-सचिव तथा जोगा सिंह मजारा, कुशल कुमार, संतोख सिंह, विकास दत्ता, सुखपाल सिंह, सुरिंदर शर्मा, सतीश चौधरी, वरह्मानंद और जसविंदर सिंह को कमेटी का सदस्य चुना गया।
नई जिला कमेटी ने आगामी कार्यों की रणनीति पर भी चर्चा की। किसान सभा ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में किसानों की मांगों और स्थानीय कृषि समस्याओं को लेकर गांव-गांव संपर्क और संघर्ष को तेज किया जाएगा, ताकि किसानों की आवाज को मजबूती से सरकार और प्रशासन तक पहुंचाया जा सके।








