सबकी खबर , पैनी नज़र

October 8, 2026 8:51 am

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

October 8, 2026 8:51 am

ॐ श्री गणेशाय नमःॐ
आपका दिन मंगलमय हो आज का सनातन पञ्चाङ्ग

*✴️कलियुगाब्द – 5128*
*✴️संवत – रौद्र*
*✴️संवत्सर राजा –  गुरु*
*✴️संवत्सर मंत्री – मङ्गल*
*✴️दिनांक – 08 अक्टूबर 2026*
*✴️दिन – गुरुवार*
*✴️विक्रम संवत् – 2083*
*✴️अयन – दक्षिणायण*
*✴️ऋतु – शरद*
*✴️मास – आश्विन 22*
*✴️पक्ष – कृष्ण*
*✴️तिथि – त्रयोदशी रात्रि 10:15 तक तत्पश्चात् चतुर्दशी*
*✴️नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी रात्रि 09:20  तक तत्पश्चात् उत्तराफाल्गुनी*
*✴️योग – शुक्ल मध्यरात्रि 12:58 तक तत्पश्चात् ब्रह्म*
*✴️राहुकाल – दोपहर 01:43 से दोपहर 03:11 तक*
*✴️सूर्योदय – 06:21*
*✴️सूर्यास्त – 06:08*
*✴️दिशा शूल – दक्षिण दिशा में*
*✴️ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:43 से प्रातः 05:32 तक*
*✴️अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:51 से दोपहर 12:38 तक*
*✴️निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:50 से मध्यरात्रि 12:39 तक*
*✴️व्रत पर्व विवरण – त्रयोदशी का श्राद्ध, मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत*
*✴️विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🌞चतुर्दशी तिथि पर न करें श्राद्ध🌞*
*✴️09 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को आग – दुर्घटना – अस्त्र – शस्त्र – अपमृत्यु से मृतक का श्राद्ध*
*✴️हिंदू धर्म के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में परिजनों की मृत्यु तिथि के अनुसार ही श्राद्ध करने का विधान है । महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को बताया है कि इस तिथि पर केवल उन परिजनों का ही श्राद्ध करना चाहिए, जिनकी अकाल मृत्यु हुई हो।*
*✴️इस तिथि पर अकाल मृत्यु (हत्या, दुर्घटना, आत्महत्या आदि)  से मरे पितरों का श्राद्ध करने का ही महत्व है। इस तिथि पर स्वाभाविक रूप से मृत परिजनों का श्राद्ध करने से श्राद्ध करने वाले को अनेक प्रकार की मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उन परिजनों का श्राद्ध सर्वपितृमोक्ष अमावस्या के दिन करना श्रेष्ठ रहता है।*
*✴️महाभारत के अनुसार पर्व अनुसार पितरों की मृत्यु स्वाभाविक रुप से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि पर करने से श्राद्धकर्ता विवादों में घिर जाता हैं। उन्हें शीघ्र ही लड़ाई में जाना पड़ता है। जवानी में उनके घर के सदस्यों की मृत्यु हो सकती है।*
*✴️चतुर्दशी श्राद्ध के संबंध में ऐसा वर्णन कूर्मपुराण में भी मिलता है कि चतुर्दशी को श्राद्ध करने से अयोग्य संतान होती है।*
*✴️याज्ञवल्क्यस्मृति के अनुसार, भी चतुर्दशी तिथि को श्राद्ध नहीं करना चाहिए। इस दिन श्राद्ध करने वाला विवादों में फस सकता है।*
*✴️चतुर्दशी तिथि पर अकाल (हत्या), आत्महत्या (दुर्घटना), रुप से मृत परिजनों का श्राद्ध करने का विधान है।*
*✴️जिन पितरों की अकाल मृत्यु हुई हो व उनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि को करने से वे प्रसन्न होते हैं।*
*🌞सर्व पितृ अमावस्या🌞*
*✴️10 अक्टूबर 2026 शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या है।*
*✴️जिन्होंने हमें पाला-पोसा, बड़ा किया, पढ़ाया लिखाया, हममें भक्ति, ज्ञान एवं धर्म के संस्कारों का सिंचन किया उनका श्रद्धापूर्वक स्मरण करके उन्हें तर्पण-श्राद्ध से प्रसन्न करने के दिन ही हैं श्राद्धपक्ष।*
*✴️जिस प्रकार चारागाह में सैंकड़ों गौओं में छिपी हुई अपनी माँ को बछड़ा ढूँढ लेता है उसी प्रकार श्राद्धकर्म में दिए गये पदार्थ को मंत्र वहाँ पर पहुँचा देता है जहाँ लक्षित जीव अवस्थित रहता है।*
*✴️पितरों के नाम, गोत्र और मंत्र श्राद्ध में दिये गये अन्न को उसके पास ले जाते हैं, चाहे वे सैंकड़ों योनियों में क्यों न गये हों। श्राद्ध के अन्नादि से उनकी तृप्ति होती है। परमेष्ठी ब्रह्मा ने इसी प्रकार के श्राद्ध की मर्यादा स्थिर की है।”*
*✴️सर्व पितृ अमावस्या को पितर भूमि पर आते हैं । उस दिन अवश्य श्राद्ध करना चहिये।*
*✴️उस दिन श्राद्ध नही करते हैं तो पितर नाराज होकर चले जाते हैं ।*
*✴️आप यदि उस दिन श्राद्ध करने में सक्षम् नही हैं  तो उस दिन तांबे के लोटे में जल भरकर के भगवदगीता के सातवें अध्याय का पाठ करें  और मंत्र  “ॐ नमो भगवते वासुदेव”एवं ” ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधा देव्यै स्वाहा” की 1-1 माला करके सूर्यनारायण भगवान को जल का अर्घ्य दें ।*
*✴️और सूर्य भगवान को बगल ऊँची करके बोले की मैं अपने पितरों को प्रणाम करता हूँ।*
*✴️वे मेरी भक्ति से ही तृप्तिलाभ करें। मैंने अपनी दोनों बाहें आकाश में उठा रखी हैं।और जिनका श्राद्ध किया जाये उन माता, पिता, पति, पत्नी, संबंधी आदि का स्मरण करके उन्हें याद दिलायें किः “आप देह नहीं हो। आपकी देह तो समाप्त हो चुकी है, किंतु  आप विद्यमान हो।*
*✴️आप अगर आत्मा हो.. शाश्वत हो… चैतन्य हो। अपने शाश्वत स्वरूप को निहार कर हे पितृ आत्माओं ! आप भी परमात्ममय हो जाओ। हे पितरात्माओं ! हे पुण्यात्माओं !अपनेपरमात्म स्वभाव का स्मऱण करके जन्म मृत्यु के चक्र से सदा-सदा के लिए मुक्त हो जाओ। हे पितृ आत्माओ !*
*✴️आपको हमारा प्रणाम है। हम भी नश्वर देह के मोह से सावधान होकर अपने शाश्वत् परमात्म-स्वभाव में जल्दी जागें…. परमात्मा एवं परमात्म-प्राप्त महापुरुषों के आशीर्वाद आप पर हम पर बरसते रहें…. ॐ….ॐ…..ॐ….” पितृपक्ष के विषय में शास्त्रों में बताया गया है कि इन दिनों मनुष्य को अपना आचरण शुद्ध और सात्विक रखना चाहिए। इसलिए भोजन में मांस-मछली, मदिरा और तामसिक पदार्थों से परहेज रखना चाहिए।*
*✴️क्योंकि आप जो भोजन करते हैं उनमें से एक अंश पितरों को भी प्राप्त होता है। इन दिनों मन और भावनाओं पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें और काम-वासना से बचें।*
*✴️ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि जिनके पितर नाराज हो जाते हैं उनकी ग्रह दशा अच्छी भी हो तब भी उनके जीवन में हर पल परेशानी बनी रहती है।*
*✴️श्राद्ध पक्ष में सयंम-नियम पालन करें, नहीं तो पितर देंगे शाप…*
  *✴️श्राद्ध पक्ष में गाय को गुड़ के साथ रोटी खिलाएं और कुत्ते, बिल्ली और कौओं को भी आहार दें। इससे पितरों का आशीर्वाद आप पर बना रहेगा।*
*🌞दैनिक राशिफल🌞*
*08 अक्टूबर, 2026, गुरुवार*
*✴️मेष राशि : व्यापार व्यवसाय में चल रही उलझनों से परेशान रहेंगे। किसी परिजन के साथ अपने विशेष कार्य की पूर्ति के लिए देवस्थलों का भ्रमण करेंगे। लाभ होने की संभावना बनती है। मित्र मिलन संभव है।*
*✴️वृष राशि : दिन की शुरुआत में क्रोध हावी रहेगा। मन माफिक काम न होने से परिजनों पर नाराज होंगे।नौकरी में नया प्रस्ताव मिलेगा।धार्मिक रुचि बढ़ेगी।व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में न पड़ें।*
*✴️मिथुन राशि : निवेश किये गए धन से अर्जित होने वाले वाले लाभ में विलंब होगा। संतान के लिए निर्णय लेने में दुविधा होगी।अर्थव्यवस्था बिगड़ने से निर्माण कार्य की गति प्रभावित हो सकती है।*
*✴️कर्क राशि : कम समय में अधिक लाभ अर्जित करने के चक्कर में न उलझें। मेहनत करें। कार्यस्थल पर आपके पराक्रम की प्रशंसा बढ़ेगी। व्यापार में नई योजनाओं का प्रारंभ होगा। जल्दबाजी नुकसानदायक रहेगी।*
*✴️सिंह राशि : आज विशेष उन्नतिकारक योगों के कारण मन में प्रसन्नता रहेगी। मन को भक्तिभाव में लगाने की कोशिश करेंगे। कार्यस्थल पर अनुकूल परिणाम के लिए सक्रियता आवश्यक है। भवन निर्माण के लिए ऋण लेना पड़ सकता है।*
*✴️कन्या राशि : आलस्य को त्याग कर काम करें। रुके कार्य में सफलता मिलेगी। पूंजी निवेश में सोच से अधिक लाभ होगा। अपनी कार्ययोजना और निर्णय पर अमल करना जरूरी है। किसी के प्रति आकर्षित होंगे।*
*✴️तुला राशि : आज का पूंजी निवेश लाभदायी रहेगा। कार्यस्थल पर मान सम्मान की प्राप्ति होगी। व्यापार में वृद्धि होने के कारण काम आपकी योजनाओं के अनुसार होंगे। वायु विकार से पीड़ित रहेंगे।*
*✴️वृश्चिक राशि : समय रहते जरूरी दस्तावेजों को संभाल लें। सामाजिक कार्यों में सम्मान प्राप्त होगा। स्थायी संपत्ति क्रय करने में जल्दी न करें। परिवार की समस्या का समाधान होगा। निजी कार्य की व्यस्तता रहेंगे।*
*✴️धनु राशि : दैवीय कार्यों में दिन बीतेगा। आज रचनात्मक काम होंगे। नवीन अनुबंध व समझौतों के कारण आपके लाभ में वृद्धि होगी। जनकल्याण की भावना के कारण प्रतिष्ठा बढ़ेगी।*
*✴️मकर राशि : पारमार्थिक कार्यों में धन लगेगा। सामाजिक कार्यों से सुयश मिलेगा एवं आपके प्रभाव में वृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा। परिवार से सहयोग मिलने से कार्य आसानी से पूरे होंगे। अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी की ओर विशेष ध्यान दें।*
*✴️कुंभ राशि : कार्य की सफलता से मनोबल मजबूत होगा। कार्य की अधिकता रहेगी। अजनबी व्यक्ति का विश्वास न करें, धोखा मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में वृद्धि के योग है। सक्रिय होने के कारण संबंध व परिचय क्षेत्र बढ़ेगा।*
*✴️मीन राशि : कम बोलें, अच्छा बोलें। सुख-समृद्धि बढ़ेगी। आर्थिक निवेश में सोच-समझकर निर्णय लेने पर लाभ होगा। स्वाध्याय में रुचि बढ़ेगी। परिवार, समाज में आपका महत्व बढ़ेगा।*
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            *आचार्य विजय*
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