???????? आज भारतीय नेशनल कैलेंडर के अनुसार दिनांक राष्ट्रीय सौर INC 28 आश्विन 1945
???????? आज पोप ग्रेगोरियन के अनुसार अंग्रेजी दिनांक 20 अक्टूबर 2023
???????? राष्ट्रीय दिनांक का प्रयोग हमें चैक,NEFT, बैंक cash counter पर, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र,विद्यालय के प्रवेश पत्र ब निष्कासन पत्र पर
अंग्रेजी में लिखना हो तब INC 28 ASVN 1945 हिंदी में लिखना हो तब
राष्ट्रीय सौर 28 आश्विन 1945 इस प्रकार लिखना चाहिए।
???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 28 आश्विन (इष) 1945 (5125)
???????? देश की आजादी के समय अपने देश का एक राष्ट्रीय कैलेंडर होना चाहिए। राष्ट्रीय कैलेंडर का निर्माण अंतरिक्ष वैज्ञानिक मेघनाथ साहा की अध्यक्षता में विश्व के 30 से अधिक कैलेंडरों का अध्ययन करने के उपरांत अपने अर्वाचीन भारतीय कैलेंडर को ही मान्यता दी गई। कैलेंडर कमेटी ने कलयुग संवत जो वर्तमान में 5125 चल रहा है अथवा विक्रम संवत जो इस समय 2080 चल रहा है इसका अनुमोदन किया, परंतु अंग्रेज तो भारत से चले गए थे कुछ अंग्रेजों के उत्तराधिकारी अभी भारत में ही थे उन्होंने कहा होगा कि आप अपना कैलेंडर तो बनायें परंतु संवत् हमारे सन् से नीचे रहना चाहिए इसलिए भारतीय कैलेंडर कमेटी के सामने कलियुग/ युगाव्द संवत् अथवा विक्रम संवत् के स्थान पर शक संवत् को ही चुनना एक विकल्प रहा होगा। और इस समय यह हमारे संविधान में लिखा हुआ है मान्यता प्राप्त है हमें इसी का अनुसरण करना चाहिए
???? जो सज्जन प्रतिदिन व्यक्तिगत पूजा करते हैं बह संकल्प इस प्रकार पढ़ सकते हैं ओम् विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वाराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत 5125, वैदिक मासे इष मासे, राष्ट्रीय दिनांक आश्विन 28 , आश्विन शुक्ल षष्ठयां तिथौ, शुक्र वासरे, …. अमृतसर … नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ),,,,,, दुर्गा पूजनम् अहम् करिष्यामी
???????? राष्ट्रीय संवत् (सन्)1945
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2080
???? महावीर जैन सम्वत् 2549
???? बौद्ध संवत् 2563
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5125
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5250
???? श्री राम संवत्(सन्) 880166
???? सृष्टि संवत् 1955885125
???? संवत्सर पिंगल
???? दक्षिणायन
???? ऋतु शरद
???? वेदों के अनुसार इष मास है
???? ऋतुओं के अनुसार आश्विन मास यही भारतीय संवैधानिक राष्ट्रीय महीना है
???? चन्द्रमा के अनुसार मास आश्विन पक्ष शुक्ल
???? तिथि षष्ठी
???? वार शुक्र वार
???? नक्षत्र मूला रात्रि 8:40 तक तदुपरांत पूर्वाषाढ़ा???? दिनमान 28 घटी 07 पल (एक दिन रात 60 घटी / 24 घंटे का होता है)
???? सूर्योदय 6:28 सूर्यास्त 5:43
???? तुला राशि में सूर्य संक्रान्ति से प्रविष्टे 04???? दिशाशूल पश्चिम (यदि यात्रा आवश्यक हो तो दूध या दही खा कर घर से निकलें) हमने किसी स्थान पर जाना है और वहां से उसी दिन वापस आना है तो दिशाशूल नहीं होता)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11: 43 to 12 :28
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 10:40 am से 12:05 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।???? गण्डमूल 18 अक्टूबर रात्रि 9:00 बजे से 20 अक्टूबर रात्रि 8:40 तक???? छठा नवरात्र, सरस्वती आवाहनम्, जैन मुनि पुष्कर जयंती, 20 अक्टूबर शुक्रवार
???? सप्तम नवरात्र, सरस्वती पूजा, 21 अक्टूबर शनिवार
???? श्री दुर्गा अष्टमी पूजा, सरस्वती विसर्जन, 22 अक्टूबर रविवार
???? नवम नवरात्र 23 अक्टूबर सोमवार
???? विजयादशमी, शस्त्र पूजन अपराजिता, शमीपूजा, नीलकंठ दर्शन, बौद्धावतार , श्री माधवाचार्य जयंती 24 अक्टूबर मंगलवार
???? पंचक 24 अक्टूबर प्रातः 4:20 से 28 अक्टूबर प्रातः 7:30 तक
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 23 अक्टूबर प्रातः 6:31 से शाम 5:43 तक (इस मुहूर्त में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं)
???? सर्वार्थसिद्धि योग 22 अक्टूबर प्रातः 6:30 से शाम 6: 43 तक
???? अमृत सिद्धि योग 27 अक्टूबर प्रातः 9:24 से 28 अक्टूबर प्रातः 6:35 तक
???? द्विपुष्कर योग 19 नवंबर रात्रि 10:48 से 20 नवंबर प्रातः 5:21 तक
???? त्रिपुष्कर योग 21 अक्टूबर शाम 7:53 से रात्रि 9:53 तक
???? ज्वालामुखी योग (इसमें कभी भी कोई कार्य सफल नहीं होता)







