???????? आज भारतीय नेशनल कैलेंडर के अनुसार दिनांक राष्ट्रीय सौर INC 21 अग्रहायण 1945
???????? आज पोप ग्रेगोरियन के अनुसार अंग्रेजी दिनांक 12 दिसंबर 2023
???????? राष्ट्रीय दिनांक का प्रयोग हमें चैक,NEFT, बैंक cash counter पर, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र,विद्यालय के प्रवेश पत्र ब निष्कासन पत्र पर
अंग्रेजी में लिखना हो तब INC 21 AGHN 1945 हिंदी में लिखना हो तब
राष्ट्रीय सौर 21 अग्रहायण 1945 इस प्रकार लिखना चाहिए।
???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 21 अग्रहायण (सह) 1945 (5125)
???????? सतयुग का आरंभ किसी व्यक्ति विशेष अथवा भगवान के जन्मदिन पर नहीं होता। सतयुग का आरंभ ग्रह नक्षत्रों की विशेष स्थिति से आरंभ होता है जैसा की महाभारत में लिखा है जब सूर्य चंद्रमा बृहस्पति ब पुष्य नक्षत्र विषुव दिवस (एक चैत्र/22 मार्च को दिन-रात सम होते हैं इसी का नाम विषुव दिवस है) पर एक साथ होते हैं तब सतयुग का आरंभ होता है इसका संबंध चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नहीं है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हर वर्ष 10 दिन आगे पीछे आती है हमें अपनी भूल में सुधार करना चाहिए, कहीं ऐसा ना हो कि विदेशों की इस पर नजर पड़ जाए वे अपने में सुधार कर लें और फिर भारतीयों को मूर्ख कहना शुरू कर दें
???? जो सज्जन प्रतिदिन व्यक्तिगत पूजा करते हैं बह संकल्प इस प्रकार पढ़ सकते हैं ओम् विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वाराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत 5125, वैदिक मासे सह मासे, राष्ट्रीय दिनांक अग्रहायण / मार्गशीर्ष 21, अग्रहायण (मार्गशीर्ष) कृष्ण अमावस्यां तिथौ, मंगल वासरे, …. देहली … नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ),,,,,, पूजनम् अहम् करिष्यामी
???????? राष्ट्रीय संवत् (सन्)1945
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2080
???? महावीर जैन सम्वत् 2549
???? बौद्ध संवत् 2563
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5125
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5250
???? श्री राम संवत्(सन्) 880166
???? सृष्टि संवत् 1955885125
???? संवत्सर पिंगल
???? दक्षिणायन
???? ऋतु हेमन्त
???? वेदों के अनुसार सह मास है
???? ऋतुओं, भौगोलिक, ब अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार अग्रहायण मास यही भारतीय संवैधानिक राष्ट्रीय महीना है
???? चन्द्रमा के अनुसार मास अग्रहायण / मार्गशीर्ष पक्ष कृष्ण
???? तिथि अमावस्या (आज चतुर्दशी तिथि क्षय है)
???? वार मंगल वार
???? नक्षत्र अनुराधा दोपहर 11:56 तक तदोपरांत ज्येष्ठा
???? दिनमान 25 घटी 32 पल (एक दिन रात 60 घटी / 24 घंटे का होता है)
???? सूर्योदय 7:08 सूर्यास्त 5:21
???? वृश्चिक राशि में सूर्य संक्रान्ति से प्रविष्टे 27
???? दिशाशूल उत्तर (यदि यात्रा आवश्यक हो तो गुड़ खा कर घर से निकलें) हमने किसी स्थान पर जाना है और वहां से उसी दिन वापस आना है तो दिशाशूल नहीं होता)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:53 to 12:35
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 02:49 pm से 04:07 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)
???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।
???? गण्डमूल 20 दिसंबर रात्रि 10:57 से 22 दिसंबर रात्रि 9:35 तक
???? पंचक 17 दिसंबर शाम 3:44 से 21 दिसंबर रात्रि 10:08 तक
???? भौमवारी अमावस्या 12 दिसंबर मंगलवार
???? संक्रांति, श्री विनायक चतुर्थी व्रत 16 दिसंबर शनिवार
???? श्री राम जानकी विवाह उत्सव, श्री बांके बिहारी प्राकट्योत्सव, गुरुतेग बहादुर बलिदान दिवस 17 दिसंबर रविवार
???? श्री गीता जयंती, मोक्षदा एकादशी व्रत स्मार्त्तानाम् (श्री गणेश शिवजी दुर्गा काली आदि के उपासक)22 दिसंबर शुक्रवार
???? मोक्षदा एकादशी व्रत वैष्णवानाम(राम कृष्ण विष्णु हनुमान आदि के उपासक) 23 दिसंबर शनिवार
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 16 दिसंबर प्रातः 7:10 से 17 दिसंबर प्रातः 4:36 तक (इस मुहूर्त में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं)
???? सर्वार्थसिद्धि योग 11 दिसंबर दोपहर 12:13 से 12 दिसंबर प्रातः 7:08 तक
???? अमृत सिद्धि योग 25 दिसंबर रात्रि 9:40 से 26 दिसंबर प्रातः 7:16 तक
???? गुरु पुष्य योग 29 दिसंबर 00:04 am से 7:17am तक
???? त्रिपुष्कर योग 19 दिसंबर प्रातः 7:13 से दोपहर 1:06 तक
???? ज्वालामुखी योग 13 दिसंबर दोपहर 11:04 से 14 दिसंबर प्रातः 3:09 तक (इसमें कभी भी कोई कार्य सफल नहीं होता)






