✍रवि गौड़।https://www.youtube.com/channel/UCQRqLFP7bUNJ43GUVQPpT2Q
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अधिक मास 17-05-2026 ईस्वी
से 15-06-2026 ईस्वी तक रहेगा।
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पंचक 06-06-2026 सायं 07-04 पर प्रारम्भ होंगे,11-06-2026 को प्रातः 08-17 पर समाप्त होंगे।
आपको पता ही है इस अवधि में घरेलू प्रयोग की कोई भी वस्तु लेना वर्जित है।
शीर्षक: “वक्त और किस्मत पर कभी घमंड मत करना”
पद्मपुराण से प्रेरित लघुकथा
एक बार महान दानी और पराक्रमी राजा महाबली के वैभव की चर्चा तीनों लोकों में होने लगी। उनके पास अपार धन, विशाल राज्य और असीम शक्ति थी। धीरे-धीरे उन्हें अपने सामर्थ्य पर गर्व होने लगा।
देवताओं के राजा इन्द्र का वैभव भी पहले कभी ऐसा ही था, पर समय के फेर से उन्हें अनेक बार अपना पद खोना पड़ा। संसार को यह शिक्षा देने के लिए विष्णु ने वामन अवतार धारण किया।
वामन ने राजा बलि से केवल तीन पग भूमि माँगी। बलि ने गर्व और उदारता में तुरंत वचन दे दिया। तब वामन ने विराट रूप धारण कर लिया। दो पगों में उन्होंने पृथ्वी और स्वर्ग को नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचा तो बलि ने अपना सिर आगे कर दिया।
उस क्षण बलि को समझ आया कि धन, शक्ति और भाग्य सदा एक जैसे नहीं रहते। जो आज शिखर पर है, वह कल नीचे भी आ सकता है। उन्होंने विनम्रता से भगवान के चरणों में स्वयं को समर्पित कर दिया।
शिक्षा:
वक्त और किस्मत पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए। जैसे रात के बाद सबेरा आता है, वैसे ही कठिन समय भी बदल जाता है। और जो आज भाग्यशाली है, उसका भाग्य भी सदा एक-सा नहीं रहता। विनम्रता ही मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है।
वक्त और किस्मत पे प्यारे
घमंड मत करना कभी।
हंस हंस के ढाते जुल्म जो
मर चुके वे नृप सभी।।१।।
प्रल्हाद को हिरण्यकशिपु ने
यातनाएं दी बड़ी।
नृसिंह ने अवतार लेकर
क्रूर नृप मारा तभी।।२।।
टिक टिक घड़ी की कह रही
टिक जा तू प्यारे मनुज।
धीरज से कर ले सामना
नहीं हारा कभी प्यारा पथिक।।३।।
वक्त उनका भी बदलता
घड़ी न जिनके पास है।
चल चला चल इस धरा पर
जीता सदा विश्वास है।।४।।
सूरज हंसे चन्दा हंसे
हंसता यहां दिन रात है।
तू भी हंस ले प्यारे हंस लें
सदा रही कब रात है।।५।।
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