



पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी और चर्चित अभिनेत्री छाया कदम होंगे विशेष अतिथि
43 देशों और 23 भारतीय राज्यों की भागीदारी, तीन दिनों में दिखाई जाएँगी 163 फ़िल्में बहुप्रतीक्षित 11वां अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, शिमला (IFFS) आगामी 5 से 7 सितंबर 2025 तक आयोजित होने जा रहा है। इस महोत्सव का शुभारंभ ईरान के प्रसिद्ध निर्देशक मेहरान रंजबर द्वारा निर्देशित फ़ारसी फ़िल्म “इलेक्ट्रान” के प्रदर्शन से होगा।
इस वर्ष महोत्सव में सुप्रसिद्ध निर्माता-लेखक पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी और चर्चित अभिनेत्री छाया कदम विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनकी उपस्थिति से महोत्सव का सांस्कृतिक वैभव और रचनात्मक ऊर्जा और भी समृद्ध होगी।
इस बार महोत्सव में 43 देशों और 23 भारतीय राज्यों से फिल्मकार अपनी प्रतिभा लेकर शिमला पहुँचेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में 163 फिल्मों का प्रदर्शन किया खास बात यह है कि इन फिल्मों के निर्देशक भी मौजूद रहेंगे और दर्शकों के साथ सीधे बातचीत करेंगे। इससे शिमला में पहली बार विश्व सिनेमा, भारतीय कहानियों और दमदार डॉक्यूमेंट्रीज़ का ऐसा अनुभव मिलेगा, जो दर्शकों के लिए यादगार साबित होगा।
स्क्रीनिंग के लिए इस बार पाँच स्थलों का चयन किया गया है। गेयटी थिएटर, शिमला में तीन स्क्रीन लगाई जाएँगी, जबकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, समरहिल में छात्रों हेतु विशेष प्रदर्शन होंगे। इसी तरह मॉडल सेंट्रल जेल, कंडा (शिमला), मॉडल सेंट्रल जेल, नाहन (सिरमौर) और किशोर गृह, शिमला में कैदियों के लिए भी विशेष स्क्रीनिंग होगी। इसके अलावा गेयटी थिएटर के एक हॉल में “बचपन” श्रेणी के तहत विशेष स्क्रीनिंग आयोजित होगी। इसमें स्कूली बच्चों के साथ-साथ ढली स्थित विशेष रूप से सक्षम बच्चों के विद्यालय के विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि वे सिनेमा का यह अनूठा अनुभव साझा कर सकें। महोत्सव का आयोजन हिमालयनवेलोसिटी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के भाषा एवं संस्कृति विभाग का सहयोग है। बीते वर्षों में इस आयोजन ने लोकप्रियता के नए आयाम स्थापित किए हैं।
इस बार महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय श्रेणियों में प्रतियोगिताएँ होंगी। इसके अतिरिक्त फिल्म संस्थानों के विशेषज्ञों, समीक्षकों और उद्योग से जुड़े दिग्गजों के साथ संगोष्ठी एवं कार्यशाला सत्र भी आयोजित किए जाएँगे। लगभग 60 स्वतंत्र निर्देशक, जिनकी फ़िल्में चयनित हुई हैं, भी तीन दिवसीय इस आयोजन में शिरकत करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में चीन, नीदरलैंड, स्पेन, लेबनान, ऑस्ट्रेलिया, इटली, रूस, कोरिया गणराज्य, अमेरिका, ताइवान, मैक्सिको, यूएई, ईरान, ब्रिटेन, कनाडा, मोरक्को, जॉर्जिया, वेनेज़ुएला, क्यूबा, बांग्लादेश, पोलैंड, स्विट्ज़रलैंड, फ़िनलैंड, पुर्तगाल, यूक्रेन, नेपाल, ट्यूनीशिया, घाना, सेनेगल, टोगो, गिनी-बिसाउ, लातविया, ग्रीस, माली, फ़िलिस्तीन, थाईलैंड, बोस्निया एंड हर्ज़ेगोविना, क्रोएशिया, हंगरी, साइप्रस, न्यूज़ीलैंड और तुर्की सहित 43 देशों के फिल्मकार शामिल हैं। भारतीय श्रेणी में महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, गुजरात, दिल्ली, मणिपुर, केरल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, गोवा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के फिल्मकार भाग ले रहे हैं।महोत्सव निदेशक पुष्प राज ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष “इलेक्ट्रान” उद्घाटन फ़िल्म के रूप में प्रदर्शित की जाएगी।43 देशों और 23 राज्यों की भागीदारी इस आयोजन को और भी भव्य बनाएगी यह महोत्सव विभिन्न संस्कृतियों और दृष्टिकोणों की कहानियों को सिनेमा कीभाषा में एक मंच पर लाता है।
शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने लगातार एक अनूठे सांस्कृतिक मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई है। ऐतिहासिक थिएटरों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों और सुधार गृहों तक प्रदर्शन स्थलों का चयन इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि यह महोत्सव समाज के हर वर्ग तक सिनेमा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महोत्सव निदेशक पुष्प राज ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष “इलेक्ट्रान” उद्घाटन फ़िल्म के रूप में प्रदर्शित की जाएगी। 43 देशों और 23 राज्यों की भागीदारी इस आयोजन को और भी भव्य बनाएगी। यह महोत्सव विभिन्न संस्कृतियों और दृष्टिकोणों की कहानियों को सिनेमा की भाषा में एक मंच पर लाता है।
शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने लगातार एक अनूठे सांस्कृतिक मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई है। ऐतिहासिक थिएटरों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों और सुधार गृहों तक प्रदर्शन स्थलों का चयन इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि यह महोत्सव समाज के हर वर्ग तक सिनेमा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।