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February 22, 2026 8:13 am

करुणामूलक संघ ने मंडी मे संकल्प रैली द्वारा दी सरकार को चेतावनी

शिमला (हिमदेव न्यूज़) 10 अगस्त 2022 करुणामूलक संघ हिमाचल प्रदेश द्वारा 10 अगस्त को जिला मंडी मै रैली हुई यह रैली सेरी मंच से आरंभ हुई और आयुक्त कार्यालय मंडी तक गई !
जिसमें समस्त जिलों के करुणामूलक आश्रित परिवार परिवारों सहित जिला मंडी की सड़कों पर उतर आए और रैली द्वारा सरकार के प्रति अपना रोष प्रकट किया !
करुणामूलक संघ प्रदेशाध्यक्ष कहां की संघ 376 दिनों से जिला शिमला मैं क्रमिक भूख हड़ताल पर निरंतर बैठा है ! लेकिन सरकार इन आश्रित परिवारों की सुध तक नही ले रही ! मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा इन परिवारों को अनदेखा किया जा रहा है !
एक तो इन परिवारों ने अपने घर का मुखिया खोया है ऊपर से सरकार की गलत नीतियां इन परिवारों पे जबरन थोपी जा रही है ! जबकि प्रदेश के मुखिया जयराम ठाकुर ने उपचुनाव के समय एक प्रेस वार्ता मैं कहा था कि सरकारी कर्मचारी हर एक प्रदेश उन्नति मैं रीढ़ की हड्डी होता है !
दुर्भाग्यवश अगर इन परिवारों की रीढ़ की हड्डी टूट गई है तो क्यों प्रदेश के मुखिया इन परिवारों को अनदेखा कर रहे है ! जो जिला शिमला मैं 1साल से भूख हड़ताल पर बैठे ! क्या यह बड़ी-बड़ी बातें चुनाबो तक ही सीमित है ! समस्त करुणामूलक आश्रित परिवारों ने करुणामूलक संघ प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ब मीडिया प्रभारी गगन कुमार के साथ संकल्प लिया कि जब तक सरकार करुणामूलक नौकरियां बहाल नहीं करती यह परिवार हर जिले से रैलियों द्वारा सड़कों पर उतरकर रोष प्रकट करेंगे !
करुणामूलक आश्रितों द्वारा 23 जुलाई जिला कांगड़ा (त•) पालमपुर में रैली की गई 29 जुलाई को जिला शिमला और 10 अगस्त जिला मंडी में !
अब यह समस्त परिवार हर जिले से हजारों की संख्या में परिवारों सहित आकर जिला शिमला मैं 13 अगस्त को विधानसभा घेराव करेंगे !
अध्यक्ष अजय कुमार कहना है कि सरकार ने समय रहते अगर करुणामूलक नौकरियां बहाल नहीं की तो हिमाचल प्रदेश में आने वाले चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा!

मुख्य मांगे :-

1) समस्त विभागों, बोर्डों,यूनिवर्सिटी ब निगमों में लंबित पड़े क्लास-सी के करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नोकरियों के केसों छठे वेतन आयोग मे छूठ देकर को जो 7/03/2019 की पॉलिसी मे आ रहे हैं उनको वन टाइम सेटलमेंट के तेहत सभी को एक साथ नियुक्तियाँ दी जाएं।
2) क्लास -डी में जीतने भी मामले विभागों, बोर्डों यूनिवर्सिटी और निगमों के पेंडिंग वित विभाग के पास फंसे है उन्हे जल्द कैबिनेट में लाकर मोहर लगाई जाए
3) पॉलिसी में संशोधन किया जाए व 62500 एक सदस्य सालाना शर्त हटाई जाए।