आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के चुनाव में बहुमत हासिल कर लिया है। अरविंद केजरीवाल के तीन बार दिल्ली का सीएम बनने के बाद ये पहला मौका है जब एमसीडी पर आप का कब्जा हो गया है।एमसीडी की कुल 250 सीटों में से अब तक आप ने 134 और भाजपा ने 104 सीटों पर जीत हासिल की है। कांग्रेस के लिए ये चुनाव भी बेहद बुरा रहा और उसे सिर्फ 9 सीटों पर जीत हासिल हुई। इस जीत के साथ ही आप ने भाजपा का 15 साल पुराना किला ध्वस्त कर दिया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अरविंद केजरीवाल अब 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय
राजनीति में ज्यादा एक्टिव नजर आने वाले हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अरविंद केजरीवाल अब 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय
राजनीति में ज्यादा एक्टिव नजर आने वाले हैं। गुजरात और हिमाचलविधानसभा चुनाव के नतीजों से एक दिन पहले आप की ये जीत राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी कई संदेश लेकर आई है। आप के कई बड़े नेता शराब घोटाले के आरोपों से घिरे हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जेल में हैं और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में इस जीत ने पार्टी में मनीष सिसोदिया के कद को और मजबूत किया है। हालांकि मंत्री सत्येंद्र जैन के विधानसभा क्षेत्र शकूरबस्ती में BJP ने तीनों सीटें सरस्वती विहार, पश्चिम विहार और रानी बाग जीत ली हैं। मनीष सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र के 4 में से 3 वार्डों में AAP की हार चौंकाने वाली रही है। आतिशी या निर्मला देवी को बनाया जा सकता है मेयर : AAP के एमसीडी में बहुमत पाते ही सबसे पहला सवाल उठ रहा है कि अब मेयर कौन होगा AAP के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक इसके लिए भी पार्टी ने पहले ही तैयारी कर रखी है। आतिशी मर्लेना का नाम इस रेस में फिलहाल सबसे आगे है। हालांकि उन्हें इसके लिए विधायक का पद छोड़ना पड़ेगा। आतिशी के अलावा AAP नेता निर्मला देवी को भी मेयर बनाया जा सकता है। निर्मला देवी पार्टी की महिला इकाई की प्रदेश संयोजक हैं। इसके अलावा काउंसलर शालिनी सिंह का नाम भी चर्चा में है। आतिशी साउथ दिल्ली की कालकाजी सीट से विधायक हैं। लोकसभा चुनाव हारने के बाद साल 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 11,422 वोट से जीत हासिल की थी। एमसीडी का चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए इस मायने में भी चुनौती भरा था, क्योंकि गुजरात के ठीक साथ ही ये चुनाव हो रहे थे। अरविंद केजरीवाल पूरी तरह गुजरात में प्रचार में जुटे रहे। ये जीत मनीष सिसोदिया के खाते में जाने वाली है। सूत्रों के मुताबिक इस जीत के बाद मनीष सिसोदिया को दिल्ली में बड़ी भूमिका मिल सकती है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ने के लिए मुक्त हो सकते हैं। सिसोदिया के लिए ये भूमिका सीएम की भी हो सकती है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया शराब घोटाले के आरोप में फंसे हैं। सेंट्रल एजेंसी उनके घर दबिश दे चुकी है। एमसीडी की जीत से उनका पक्ष मजबूत हुआ है। एमसीडी की तैयारी मनीष सिसोदिया के अलावा राघव चड्ढा, आतिशी, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज जैसे नेताओं के कंधों पर थी। एमसीडी की जीत ने इन नेताओं को पहली श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। पार्टी के लिए इन नेताओं के रूप में नया नेतृत्व खड़ा होगा और देशभर में पार्टी के प्रसार में ये फायदा पहुंचाएगा। आने वाले दिनों में हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के चुनाव हैं।


