शिमला, 12 फरवरी 2023ः हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में खून की कमी को देखते हुए संत निरंकारी सत्संग ब्रांच सुन्नी में रविवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस मौके पर तहसीलदार सुनील चैहान सुन्नी, डॉक्टर गीतांजलि भारद्वाज अतिरिक्त जिला न्यायवादी उपस्थित रहेे।
इस रक्तदान शिविर के दौरान 75 यूनिट खून दान किया गया, जिसमें मिशन के सभी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान कार्य है, जिससे कई जीवन बचाए जा सकते हैं। इससे मानवता की सेवा करने की भावना उत्पन्न होती है।
आपने दिवंगत बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के संदेश को दोहराते हुए कहा कि ‘‘इंसान का खून नालियों में नहीं, ब्लकि नाडियों में बहना चाहिए’’।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से मिशन रक्तदान सहित अन्य सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य में बढ़चढ़ कर निष्काम भाव से कार्य कर रहा है और मानवता को एक प्रेरणा संदेश दे रहा है कि खून दान ही महादान हैं। उन्होंने कहा कि हांलाकि मिशन मानव एकता दिवस से रक्तदान का सिलसिला देश में शुरू होता है, जो साल भर चलता रहता है।
‘यह मिशन केवल प्रचलित धर्म या पंथ नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक विचारधारा है। यह विचारधारा मानवता की सेवा से संबंधित है। मेरा मानना है कि मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है’।
इस अवसर पर इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज शिमला से डाॅ अपूर्वा जी ने स्वैच्छिक रक्तदान को सर्वोत्तम माना गया है, जो जरूरतमंद को जीवनदान देता है। खून दान करने से कमजोरी नहीं आती। हर व्यक्ति को रक्त दान करना चाहिए।
वहीं, सून्नी के मुखी महात्मा हेम प्रकाश शास्त्री ने इस कार्य मे सहयोग कर रहे रक्तदाताओं, सेवादल व एसएनसीएफ, स्वयंसेवकों, डॉक्टरों की टीम का धन्यवाद भी किया।








