ये कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में जीर्ण शीर्ण व उपेक्षित अवस्था में चंद्रगुप्त मौर्य की समाधि है। कोई और देश होता , तो अपने महान सम्राट का इतना आलीशान स्मारक बनाता की, दुनिया भर से लोग उसे देखने के लिए आते,मगर भारतीय इतिहास लिखने वाले कम्युनिस्टों ने
इस महान, प्रतापी, सम्राट के महत्व को
नज़र अंदाज़ कर दिया, जिसने भारत को राजनीतिक रूप से एकजुट किया
और एक गौरवशाली युग का इतिहास लिखा। आज हमारे बच्चे चंद्रगुप्त मौर्य से ज्यादा अकबर और अलेक्जेंडर जैसे
आतंकवादियों के बारे में जानते हैं
Post Views: 27







