आज इंडियन नेशनल कैलेंडर के अनुसार दिनांक राष्ट्रीय सौर INC 26 चैत्र 1945 ???????? आज ग्रेगोरियन अंग्रेजी दिनांक 16 अप्रैल 2023 ???????? राष्ट्रीय दिनांक का प्रयोग हमें चैक,NEFT, प्रवेश पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, आदि पर अंग्रेजी में चेक लिखना हो तब INC 26 CHIR 1945हिंदी में चेक भरना हो तब राष्ट्रीय सौर 26 चैत्र 1945 इस प्रकार लिखना चाहिए। ???? ऋषि-मुनियों द्वारा बनाई गई अंतरिक्ष विज्ञान की विश्व की सबसे उत्तम गणना के आधार पर इस दिनांक date तारीख दिनदर्शिका calendar हर भारतीय के मुख में हो तत्पश्चात संपूर्ण विश्व इसको अपनाएं यही हमारी ऋषि-मुनियों के लिए श्रद्धांजलि होगी इसे अपने मित्रों संबंधियों को भेजकर ऋषि-मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त करें
???? मंदिर सूचना पट्ट, कथा, कीर्तन, विवाह शादी, गृह प्रवेश निमंत्रण पत्र आदि पर दिनांक इस प्रकार लिखें 26 चैत्र 1945 (5125)???? जो सज्जन प्रतिदिन व्यक्तिगत पूजा करते हैं बह संकल्प इस प्रकार पढ़ सकते हैं ओम विष्णु विष्णु विष्णु श्रीमद् भगवतो महत् पुरुषस्य विष्णो राजया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्री श्वेत वराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वंतरे अष्टा विंशति तमे कलियुग संबत 5125 चैत्र मासे (वैदिक नाम मधु मासे) दिनांक चैत्र 26 रवि वासरे वैशाख कृष्ण एकादशम्यां तिथौ ……. नामक स्थाने ( अपना गोत्र ब नाम ),,,,,, पूजा अहम् करिष्यामी संकल्प में तिथि नक्षत्र आदि कहना कर्मकांड की भाषा है।???????? राष्ट्रीय शक् संवत् (सन्)1945
???? विक्रमी संवत् (सन्) 2080
???? महावीर जैन सम्वत् 2549
???? बौद्ध संवत् 2563
???? युगाब्द या कलियुग संवत् 5125
???? श्री कृष्ण संवत् (सन्) 5250
???? श्री राम संवत्(सन्) 880166
???? सृष्टि संवत् 1955885125???? संवत्सर पिंगल
???? उत्तरायण
???? ऋतु वसन्त
???? वेदों के अनुसार इस महीने का नाम मधु मास है
???? चन्द्र के अनुसार महीना वैशाख पक्ष कृष्ण
???? तिथि एकादशी शाम 6:14 तक तदुपरांत द्वादशी
???? वार रवि वार
???? नक्षत्र शतभिषा
???? दिनमान 31 घटी 50 पल (एक दिन रात 60 घटी अथवा 24 घंटे का होता है)
????सूर्य उदय 5:58 सूर्य अस्त 6:42
???? मेष राशि में सूर्य संक्रान्ति से प्रविष्टे 03
???? दिशाशूल पश्चिम (यदि यात्रा आवश्यक हो तो पान या घी खा कर घर से निकले) हमने किसी नन ंस्थान पर जाना है और वहां से उसी दिन वापस आना है तो दिशाशूल नहीं होता)
???? अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:55 to 12:47
(इस समय किये गये कार्य की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं)
???? राहुकाल 05:10 pm से 06:47 pm तक ( इस समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ऐसा दक्षिण भारत में मान्यता है)
???? यह पंचांग दिल्ली के अक्षांश रेखांश पर आधारित है।???? तारा अस्त गुरु अस्त 30 मार्च से 30 अप्रैल तक
???? वरुथिनी एकादशी व्रत 16 अप्रैल रविवार
???? सोम प्रदोष व्रत 17 अप्रैल सोमवार
???? मासिक शिवरात्रि 18 अप्रैल मंगलवार
???? पितृ कार्य के लिए अमावस्या 19 अप्रैल बुधवार
???? गंगा स्नान, देव कार्य के लिए अमावस्या, ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ, श्री सुखदेव मुनि जयंती 20 अप्रैल गुरुवार
???? राष्ट्रीय वैशाख मास प्रारंभ, ऋषि पराशर जयंती 21 अप्रैल शुक्रवार
???? अक्षय तीज आखातीज, श्री परशुराम जयंती, श्री शिवाजी 416 वीं जयंती 22 अप्रैल शनिवार
???? श्री आद्या जगतगुरु शंकराचार्य जयंती, श्री सूरदास 544वीं जयंती 25 अप्रैल मंगलवार
???? श्री रामानुजाचार्य जयंती श्री गंगा सप्तमी गंगा उत्पत्ति दिवस 26 अप्रैल बुधवार
???? श्री जानकी नवमी 29 अप्रैल शनिवार
???? गंडमूल 19 अप्रैल 1:00 am से 20 अप्रैल 11:10 pm तक
???? पंचक 16 अप्रैल प्रातः 4:42 से 19 अप्रैल रात्रि 11:52 तक
???? सर्वार्थ सिद्धि योग 20 अप्रैल प्रातः 5:54 से रात्रि 11:10 तक (इस मुहूर्त में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं)
???? सर्वार्थसिद्धि योग 18 अप्रैल 5:56 am से 19 अप्रैल 1:00 am बजे तक
???? अमृत सिद्धि योग 22 अप्रैल रात्रि 11:23 से 23 अप्रैल प्रातः 5:51 तक
???? गुरु पुष्य योग 27 अप्रैल प्रातः 7:00 से 28 अप्रैल प्रातः 5:47 तक
???? द्विपुष्कर योग 21 मई प्रातः 9:04 am से रात्रि 10:10 pm तक(इस समय में किया गया कार्य दोगुना होता है)
???? त्रिपुष्कर योग 17 अप्रैल 4:06 am से 5:57am तक
???? ज्वालामुखी योग 5 जून 3:22 am से 6:39 am तक (इस योग में कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए)




