चलती बस से चालक को खींचने, जान से मारने की धमकी पर विफरा संघ
चालक के द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी लगाए आरोप
01 मार्च 2024: जब 07:00 बजे HRTC रामपुर डिपो की बस चंडीगढ़ से रिकांगपिओ जा रही थी। हाउसिंग बोर्ड के पास उन्होंने देखा कि एक सिंडिकेट नाम की एक प्राइवेट बस नम्बर PB12M9140 बिना किसी समय सारणी के सवारियां बिठा रही है। जब निगम के चालक रविंद्र सिंह व परिचालक शशी पाल के द्वारा उनसे इस बारे में पूछा तो उनका कहना था यह गाड़ी तो प्रतिदिन ऐसे ही चलती है। और आपके D. M ने उन्हे चलने की अनुमति दी है। (जबकि संवैधानिक तौर पर निगम का कोई भी अधिकारी कभी भी एसी कोई अनुमति नहीं देगा ।) और तु HRTC का ज्यादा वफादार बनने की कोशिश ना कर अन्यथा तुझे कालका से ऊपर नहीं जाने देंगे। दूसरी बार चंडीगढ़ का रास्ता भूल जाएगा। मौके पर लोगों के बीच बचाव करने से वह बहां से सवारियां बिठाकर चले गए। और जब निगम की बस कालका पहुंची तो उस प्राइवेट बस वाले चालक परिचालकों ने अपने साथ और चार-पांच स्थानीय व्यक्तियों को लेकर दोबारा से बस को रोक दिया और बस में चढकर चालक परिचालक से गाली गलौज करने लगे। जब चालक ने वहां पुलिस में शिकायत करनी चाही तो चालक को उन शरारती तत्वों के द्वारा यह कहा गया तूने जो करना है वह परमाणु चलकर ही कर ले। निगम का चालक रविंद्र सिंह ने भी यह सोचा कि कालका में यातायात इतना ज्यादा है एक मिनट भी अगर गाड़ी वहां रुक जाए तो वहां पूरा यातायात अवरुद हो जाता है।और दूसरा
परमाणु में हिमाचल पुलिस है और हिमाचल पुलिस तो जरूर उनकी सहायता भी करेगी। परन्तु चालक रविंद्र सिंह इस बात से अनभिज्ञ था कि परमाणु पुलिस थाने में प्राइवेट बस वालों की जान पहचान का कोई अधिकारी है इसलिए उन्होंने परमाणु चलने को कहा। परमाणु में उन्होंने चालक रविंद्र सिंह को फिर से चलती बस की सीट से खींचने का प्रयास किया। जिससे सवारी से भारी बस एकदम से अनियंत्रित हो गई थी लेकिन चालक की सूझबूझ से उन्होने बस में हैंड ब्रेक लगा दी। जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टला। और वहां जब चालक रविंद्र सिंह पुलिस में शिकायत की तो पुलिस के अधिकारी उल्टा चालक परिचालक को डरा धमका कर समझौता करने का दबाव बनाने लगे और करीब दो-तीन घंटे तक उनकी पुलिस चौकी परमाणु में FIR नहीं लिखी गई। जब सवारी और चालक के द्वारा बार-बार दबाव बनाया गया तब पुलिस विभाग के द्वारा उनकी शिकायत को लिखा। उनकी इस तरह की कार्य प्रणाली से निगम का रूट भी प्रभावित हुआ और निगम के राजस्व को भी हानि हुई तथा यात्रियों को भी ऐसी बारिश और ठंड के मौसम में भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा जो की एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री हरीश कुमार पाराशर ने बताया कि परिवहन कर्मचारियों के साथ आए दिन कहीं ना कहीं ऐसे हादसे होते रहते हैं जिससे परिवहन का कर्मचारी डर के साए में अपनी ड्यूटी करने को मजबूर है और ऊपर से पुलिस विभाग की इस तरह की कार्यप्रणाली से तो अब कानून पर से भी उनका विश्वास उठता जा रहा है। जिसे संघ कभी बर्दाश्त नहीं करेगा इसलिए हिमाचल परिवहन मजदूर संघ सरकार व प्रशासन से मांग करता है कि दोषियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। और पुलिस प्रशासन के द्वारा जो लापरवाही दिखाई है उनके ऊपर भी विभाग कड़े से कड़ा संज्ञान ले।
हरीश कुमार पराशर
प्रदेश महामंत्री
हिमाचल परिवहन मजदूर संघ
मो0 7650057003






