रेहड़ी फड़ी तयबजारी यूनियन सम्बन्धित सीटू ने तहबाजारियों को उजाड़ने व नगर निगम प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ डीसी ऑफिस शिमला के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विजेंद्र मेहरा, बालक राम, रमाकांत मिश्रा, हिमी देवी, सुरेंद्र बिट्टू, राकेश सल्लू, अशोक कुमार, जगदीश, प्रकाश, इंद्र, गौरी शंकर, राम शंकर, अनिल, नरेश, मौहम्मद सब्बू आलम, हेमा, श्याम लाल, गुरमीत कौर, सुरेंद्र कौर, महक सिंह, दर्शन, पवन, बसन्त सिंह, अमरजीत माटा, शिवधनी, राम सिंह, सुखविंद्र सिंह, सूरजभान, मनोज, बॉबी, दिनेश, प्रभा, सरिता, सोनू, बिट्टू, संजय, सेठी, पप्पू, कमलेश व रामप्रकाश सहित सैकड़ों तहबजारी शामिल हुए।
प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, तयबजारी यूनियन अध्यक्ष सुरेंद्र बिट्टू, महासचिव राकेश व उपाध्यक्ष शब्बू आलम ने कहा कि नगर निगम शिमला प्रशासन की तानाशाही व तहबाजारियों को उजाड़ने की मुहिम किसी भी रूप में सहन नहीं होगी। अगर इस कार्रवाई को तुरन्त बन्द न किया तो स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 व वर्ष 2007 में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी स्ट्रीट वेंडर्स पालिसी को लागू करवाने के लिए यूनियन बेमियादी आंदोलन शुरू करेगी। जरूरत पड़ी तो तहबाजारियों को उजाड़ने के विरुद्ध तहबाजारी नगर निगम परिसर में ही अपनी दुकानें सजाकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की है कि तहबाजारियों की समस्याओं के हल के लिए टाउन वेंडिंग कमेटी की नियमित बैठकें की जाएं। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 को सख्ती से लागू किया जाए। तयबजारियों को कानून के विरुद्ध उजाड़ने की मुहिम को तुरन्त बन्द किया जाए। तयबजारी के नए सर्वे का कार्य तुरन्त शरू किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन पिछले काफी समय से स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 का खुला उल्लंघन कर रहा है। रेहड़ी फड़ी तयबजारी का कार्य करने वाले सैंकड़ों लोगों को आज भी स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के नियमानुसार सर्टिफिकेट जारी नहीं हुए हैं। टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक समयानुसार नहीं हो रही है। टीवीसी बैठकों के अभाव में कानून लागू होने की नौ वर्ष बाद भी कई रेहड़ी फड़ी तयबजारियों को सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाए हैं जोकि कानूनी तौर पर उनका हक है। उन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के अनुसार गैर पंजीकृत तयबजारियों को तुरन्त सर्टिफिकेट जारी करने की मांग नगर निगम प्रशासन से की है। उन्होंने तयबजारियों को उजाड़ने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है क्योंकि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 इसकी इजाज़त नहीं देता है।
विजेंद्र मेहरा ने कहा कि नगर निगम शिमला द्वारा तयबजारियों के लिए बनाई गई दुकानों का तीन से चार गुणा अधिक किराया वसूला जा रहा है जोकि तानाशाही है। इसे तुरन्त कम किया जाए। उन्होंने मांग की है कि शिमला शहर में वेंडिंग ज़ोन की प्रक्रिया तुरन्त पूर्ण की जाए। सभी तयबजारियों को प्री फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर की सुविधा दी जाए। शिमला शहर के सभी उपनगरों में तयबजारियों के लिए दुकानों का निर्माण किया जाए।







