शिमला: 12 नवंबर 2024:“रंग यात्रा” ट्रिब्यूट टू मनोहर सिंह “ की याद में आज शुरू हुआ। इस कढ़ी में आज पहले दिन राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में मुँशी प्रेम चंद की कहानी पर आधारित नाटक “बड़े भाई साहब” का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन शिमला के युवा रंगकर्मी श्री नरेश के मीन्चा के द्वारा किया गया। नाटक में छोटे भाई की भूमिका में सोहन कपूर व बड़े भाई की भूमिका नरेश के मीन्चा ने निभाई। संगीत नीरज कुमार और बैकस्टेज में वेद प्रिया।
इसी कड़ी में 14/11/2024 मनोहर सिंह की पुण्यतिथि पर इसी नाटक का मंचन 11 बजे अकलैंड बॉयज़ स्कूल शिमला में किया जाएगा ।
कौन थे मनोहर सिंह
1938 में हिमाचल प्रदेश में शिमला के पास क्वारा नामक एक बहुत छोटे से गाँव में जन्मे मनोहर सिंह को राज्य सरकार द्वारा संचालित नाटक प्रभाग में अपनी पहली नौकरी मिली। उन्होंने 1971 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, और उसके तुरंत बाद 1971 में क़त्ल की हवास से शुरुआत करते हुए NSD रिपर्टरी कंपनी के साथ नाटकों का निर्देशन करना शुरू कर दिया। बाद में 1976 में वे NSD रिपर्टरी कंपनी के दूसरे प्रमुख बने और 1988 तक इस पद पर बने रहे। उन्हें भारत की राष्ट्रीय संगीत, नृत्य और नाटक अकादमी, संगीत नाटक अकादमी द्वारा 1982 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
उन्हें तुगलक की मुख्य भूमिका में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए जाना जाता है , जिसका निर्देशन उनके गुरु इब्राहिम अलकाज़ी ने किया था , जो एनएसडी के संस्थापक थे। 80 के दशक के अंत में एनएसडी छोड़ने के बाद, वे दिल्ली के रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय हो गए, जहाँ उन्होंने पगला राजा ( किंग लियर ), हिम्मत माई ( ब्रेख्त की मदर करेज ), बेगम बार्वे और नागमंडलम ( गिरीश कर्नाड ) जैसे कुछ यादगार नाटक किए, जिनमें जाने-माने थिएटर व्यक्तित्व अमल और निसार अल्लाना शामिल थे।
उनका फ़िल्मी और टेलीविज़न करियर काफ़ी लंबा रहा, जिसकी शुरुआत आपातकाल पर आधारित विवादास्पद फ़िल्म किस्सा कुर्सी का से हुई , जिसमें शबाना आज़मी भी थीं । उन्होंने गोविंद निहलानी की पार्टी , मृणाल सेन की एक दिन अचानक , ये वो मंज़िल तो नहीं , रुदाली , डैडी जैसी फ़िल्में कीं और 27 से ज़्यादा फ़िल्मों में कई दमदार भूमिकाएँ निभाईं, जिनमें यश चोपड़ा की चांदनी और लम्हे जैसी मुख्यधारा की फ़िल्में भी शामिल हैं । उनकी आखिरी फ़िल्म 2001 में एवरीबडी सेज़ आई एम फाइन थी!
वह नीना गुप्ता के दर्द और पल छीन सहित टेलीविजन पर कई सफल धारावाहिकों में दिखाई दिए ।
14 नवंबर 2002 को नई दिल्ली में फेफड़ों के कैंसर से उनकी मृत्यु हो गई नीरज कुमार
अध्यक्ष,
इनफिनिटी थिएटर शिमला
Mob No +91 7018138389








