17 मार्च 2025, हिमाचल प्रदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ने आज हिमाचल की कांग्रेस सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को दिशाहीन व खोखले वादों का पिटारा बताते हुए कहा कि बजट के नाम पर मुख्यमंत्री ने सिर्फ़ औपचारिकता ही पूरी की है। बजट पेश करने के साथ मुख्यमंत्री यह भी बताते कि प्रदेश में आर्थिक आपातकाल लगाने के बाद वो इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पैसा कहाँ से लायेंगे?
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ आज कांग्रेस सरकार ने बजट पेश करने के नाम पर फिर एक बार हिमाचल की जनता को छलने का काम किया है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत यह बजट पूरी तरह दिशाहीन और खोखले वादों का पिटारा है। हिमाचल प्रदेश में आर्थिक आपातकाल लगाने के बाद अब मुख्यमंत्री बजट के नाम पर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को पूरी तरह केंद्र सरकार के भरोसे छोड़कर जिम्मेदारियों से भागती दिख रही है। मुख्यमंत्री बताएँ कि आज बजट में जिन घोषणाओं का उन्होंने ज़िक्र किया उसके लिए फंड की व्यवस्था कहाँ से करने वाले हैं”
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के DA पर तो बातें कीं पर पिछली किस्तों के बारे में वो मौन साधे नज़र आये। 6 पे कमीशन पर भी मुख्यमंत्री कुछ नहीं बोल पाए जबकि पीडी मल्टी टास्क वर्कर, वेटरिनरी असिस्टेंट, चौकीदार, एमडीएम वर्कर के हितों मुख्यमंत्री महोदय ने चुप्पी साधना ही बेहतर समझा। कांग्रेस बताये कि सरकार बनाने के लिए इन्होंने जो जनता से जो झूठे वादे किए थे और झूठी गारंटियाँ दीं थीं उनको पूरा करने का इस बजट में क्या प्रावधान किया।
बजट में केवल महंगाई को बढ़ावा : कश्यप
शिमला, भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का बजट केवल जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला बजट है।
पूरे बजट में केवल मुख्यमंत्री ने आर्थिक बदहाली का रोना रोया, इसके बजाय कुछ नहीं किया। रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट की कहानी पड़ी ,पर हम मुख्यमंत्री से पूछना चाहते हैं कि इससे पूर्व आप भी विधायक थे आपको भी पता था कि यह ग्रैंड धीरे-धीरे कम होनी ही थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जब सत्ता में आए तो आत्मनिर्भर हिमाचल का राग गया, पर पूरे बजट में अगर 600 करोड रुपए की आमदनी बड़ी तो केवल मात्र वैट कलेक्शन के कारण बड़ी, पर हम पूछना चाहते हैं कि वैट लगता किस चीज पर है केवल मात्र डीजल पर, मुख्यमंत्री जी ने इस टैक्स को बढ़ाया और उसके बाद 600 करोड़ की आमदनी बढ़ाई। डीजल पर टैक्स बढ़ाने का मतलब है महंगाई का बढ़ना और महंगाई को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने बजट में कुछ नहीं किया। केवल महंगाई का तूफ जनता को दिया।




