भारतीय रंगमंच के दिग्गज और “थिएटर ऑफ़ रूट्स” आंदोलन के अग्रदूत रतन थियम के निधन पर घाटशिला के संयुक्त नाट्य कला केंद्र के रंगकर्मियों ने गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत नाट्यकार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कलाकारों ने कहा कि रतन थियम का निधन भारतीय रंगमंच जगत की अपूरणीय क्षति है।
रतन थियम राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक और इंफाल स्थित कोरस रिपर्टरी थिएटर के संस्थापक निदेशक थे। उन्होंने भारतीय नाट्य परंपरा को नई ऊंचाई दी और अपने निर्देशन में संगीत, नृत्य व मंचीय प्रयोगों को अद्वितीय रूप से समाहित किया।
उनके द्वारा निर्देशित प्रमुख नाटकों में रवींद्रनाथ टैगोर का “राजा”, कालिदास का “ऋतुसंहारम्”, धर्मवीर भारती का “अंधायुग”, और “चक्रव्यूह” जैसे कालजयी नाटक शामिल हैं, जिन्हें देश-विदेश में सराहना मिली।
संयुक्त नाट्य कला केंद्र, घाटशिला के कलाकारों ने उन्हें एक प्रेरणास्रोत और रंगमंच का जीवंत अध्याय बताया। उनके योगदान को याद करते हुए रंगकर्मियों ने दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सपनों को जीवित रखने का संकल्प लिया।






