दीपकमल में प्रबुद्ध जन संगोष्ठी में केंद्रीय मंत्री ने दिए जवाब, कहा—बजट का वास्तविक लाभ आम नागरिक और पर्यटन अर्थव्यवस्था को
शिमला, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शिमला स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय दीपकमल, चक्कर में आयोजित प्रबुद्ध जन संगोष्ठी में भाग लिया और उपस्थित प्रबुद्धजनों के साथ बजट 2026-27 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत संवाद किया। कार्यक्रम में सांसद सुरेश कश्यप, विधायक बलबीर वर्मा, भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, जिला अध्यक्ष केशव चौहान तथा किसान मोर्चा अध्यक्ष संजीव दृष्टा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बड़ी संख्या में प्रश्न लिए और सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का बजट रोजगार सृजन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर सबसे अधिक केंद्रित है। प्रधानमंत्री का स्पष्ट फोकस है कि अधिक से अधिक लोगों को आय के अवसर मिलें और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनें। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्राउंड लेवल आर्थिक गतिविधि को गति देने वाला रोडमैप है।
शेखावत ने कहा कि आम तौर पर लोग बजट को केवल आयकर छूट तक सीमित समझते हैं, जबकि वास्तविक बजट का प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ₹12.5 लाख तक आय पर कर राहत से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी, उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। जीएसटी दरों में तार्किक कटौती और उपभोक्ता वस्तुओं पर राहत से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक के हाथ में अधिक आय बचती है तो उसका खर्च बढ़ता है, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव पर्यटन, सेवा क्षेत्र और स्थानीय व्यापार पर पड़ता है। हिमाचल जैसे पर्यटन प्रधान राज्य के लिए यह बजट विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, बशर्ते राज्य स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से पर्यटन और संबंधित क्षेत्रों को आगे बढ़ाया जाए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए सुधारात्मक कदमों और संरचनात्मक आर्थिक नीतियों का समेकित प्रभाव आने वाले वर्षों में और स्पष्ट दिखाई देगा। बजट 2026 समावेशी विकास, रोजगार विस्तार और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने वाला बजट है।






