दंतेवाड़ाः छत्तीसगढ़ में चल रही सियासी खीचतान के बीच बायनबाजी का दौर भी जारी है. कांग्रेस के 30 विधायक दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं, लेकिन यह विधायक अपने दिल्ली दौरे को लेकर को लेकर कुछ स्पष्ट जवाब भी नहीं दे रहे हैं. ऐसे में प्रदेश के सियासी गलियारों में तरह-तरह की कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच बघेल सरकार के मंत्री कवासी लखमा ने प्रदेश में चल रही सियासी हलचल पर बड़ा बयान दिया है.
प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन जैसे कोई बात नहीं
दरअसल, दंतेवाड़ा जिले की किरंदुल नगर पालिका का जायजा लेने पहुंचे आबकारी मंत्री कवासी लखमा प्रदेश में जारी सियासी हलचल पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने भूपेश सरकार की जमकर तारीफ की, मंत्री ने कहा कि ” बघेल सरकार ने सवा तीन साल में प्रदेश के विकास के लिए बहुत काम किया है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन जैसे कोई बात नहीं है. भूपेश सरकार के समर्थन में सभी विधायक है और भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार लगातार विकास के कार्य करेगी”
बता दें कि कवासी लखमा सीएम बघेल के नजदीकी माने जाते हैं. ऐसे में उनका यह बयान प्रदेश की सियासत में अहम माना जा रहा है. क्योंकि एक तरफ 30 विधायक दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने सीएम भूपेश बघेल को यूपी में वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया है. जिसे बड़ा सियासी संकेत भी माना जा रहा है. बता दें कि इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बयान देते हुए कहा था कि ”विधायक तो आते-जाते रहते हैं. हर व्यक्ति स्वतंत्र है. जब कोई घटना घट ही नहीं रही तो इसे राजनीतिक चश्मे से क्यों देखा जा रहा है.”
पार्टी के अंदर खींचतान नहीं, बल्कि संभावना हैः सिंहदेव
इसके अलावा विधायकों के दिल्ली दौरे को लेकर कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि ”पार्टी के अंदर खींचतान नहीं, बल्कि संभावना है, हाईकमान ने हम सबको बुलाया था, क्या होना है, ये निर्णय हाई कमान के पास सुरक्षित है, अभी फैसला नहीं हुआ, ये माना जाना चाहिए, अभी किसी को जानकारी नहीं है कि हाईकमान ने क्या निर्णय लिया है”
विधायक दिल्ली जाना चाहता है तो कोई मनाही नहींः मरकाम
वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि अगर कोई विधायक दिल्ली जाना चाहता है तो कोई मनाही नहीं है. वे अपने कार्यों के लिए दिल्ली जा सकते हैं, हर कोई दिल्ली जाकर हाईकमान से मिलना चाहता है. क्या हो रहा है क्या नहीं ये तो जो लोग गए हैं, वो ही बता सकते है. पार्टी अनुशासन और विधायक बृहस्पति के बयान पर उन्होंने कहा कि समय आने पर कार्रवाई की जाएगी, पार्टी के सब संज्ञान में है, समय आने पर देखा जाएगा, समय की कोई मियाद नहीं होती.”
बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार में बीते काफी समय से उठा-पटक का दौर चल रहा है. ऐसी चर्चाएं हैं कि ढाई-ढाई साल सीएम पद को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. हालांकि दोनों ही नेता ढाई-ढाई साल के फार्मूले की बात से इंकार कर चुके हैं. बीते दिनों भी भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव ने दिल्ली पहुंचकर पार्टी हाईकमान से बात की थी. इसके बाद भूपेश बघेल रायपुर लौट आए थे लेकिन टीएस सिंहदेव कुछ और दिनों तक दिल्ली में ही रुके रहे थे. उस समय लगा था कि विवाद का निपटारा हो गया है लेकिन बीते दिनों फिर से टीएस सिंहदेव दिल्ली पहुंच गए. अब उसके बाद कांग्रेस विधायकों का दिल्ली जाना कई सवाल खड़े कर रहा है.
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