Sri Ganganagar: राजस्थान रोडवेज बस में कंडक्टर लगाने के नाम पर धोखाधड़ी (Fraud) का बड़ा मामला सामने आया है. यह ठगी 3 लाख 17 हजार रुपये की गई है. गांव कंवरपुरा का निवासी सीता राम बिश्नोई धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, पीड़ित सीता राम बिश्नोई ने राजेंद्र भाम्भू पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है.
रुपये ठगने वाला राजेंद्र भाम्भू राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) बस का चालक बताया जा रहा है. आपको बता दें कि राजेंद्र भाम्भू सीताराम बिश्नोई से बस में मुलाकात हुई और सीताराम बिश्नोई को बताया कि मैं रोडवेज बस में चालक के पद पर कार्यरत हूं, जहां सीताराम को लम्मी दूरी की रोडवेज बस में कंडक्टर लगाने के नाम पर बात की.
जिसके बाद सीताराम बिश्नोई को राजेंद्र भाम्भू डीडवाना रोडवेज बस डिपो में ले गया, जहां डीडवाना बस डिपो में किसी से बात हुई तो सीताराम को जयपुर डिपो कार्यालय में पैसे जमा करवाने की बात हुई. फिर दोनों ही जयपुर रोडवेज बस कोच डिपो पहुंचे, जहां राजेंद्र भाम्भू की और सीताराम बिश्नोई को कुछ दिनों के बाद कंडक्टर के तौर पर काम करने का आश्वासन देकर वापस गजसिंहपुर भेज दिया.
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कुछ दिन बीत जाने के बाद जब सीताराम ने जयपुर रोडवेज बस कोच डिपो में संपर्क किया, जहां उन्हें जानकारी मिली कि यहां पर ऐसी कोई भर्ती नहीं है. जब इस बारे में सीताराम ने राजेंद्र भाम्भू से अपने पैसे वापस लौटाने की बात की तो राजेंद्र भाम्भू ने मुंबई आने का बहाना बना दिया और वापस आकर नियुक्ति पत्र दिलाने का आश्वासन दिया. मिली जानकारी के मुताबिक राजेंद्र भाम्भू का मामा जोधपुर में सीआई बताया जा रहा है, इस लिए बेखौफ होकर लोगों को नौकरी लगाने का झांसा देकर पैसे ठगने का काम धड़ल्ले से कर रहा है.
सीता राम बिश्नोई ने बताया कि कई बार संपर्क करने पर राजेंद्र भाम्भू से फोन से सम्पर्क किया लेकिन फोन ही नहीं उठाया, कुछ दिनों बाद राजेंद्र भाम्भू से फोन पर बातचीत हुई तो राजेंद्र भाम्भू सीताराम से गाली गलौज करने लगा और कहने लगा अगर पुलिस में शिकायत की तो तुझे जान से मार देंगे क्योंकि पुलिस हमारी जेब में है. हम उन्हें देखकर अपने इस धंधे को अंजाम देते हैं, जिसके बाद सीताराम ने जयपुर सिंधी कैंप पुलिस थाना में जीरो FIR दर्ज करवाई. जहां जयपुर से श्रीगंगानगर जांच भेज दिया गया.
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गजसिंहपुर थाना में जांच के बाद श्रीगंगानगर सदर थाना को सपूर्द कर दी जहां पर कार्रवाई नहीं होने पर सीता राम बिश्नोई ने जांच की तफ्तीश पदमपुर थाना में करवा दी. गौरतलब है कि श्रीगंगानगर पुलिस इस मामले को अपना सिर दर्द मानते हुए इस मामले को पूरे जिले के थानो में घूमा रहे हैं, ऐसे में अब श्री गंगानगर पुलिस अपना पल्ला झाड़ रही है. अपने क्षेत्र की घटना नहीं होने को लेकर जांच पड़ताल करने में देरी कर रही है, ऐसे में श्रीगंगानगर के सीआई पर राजेंद्र भांबू को बचाने का आरोप लगा है, पिछले ढाई महीने से न्याय नहीं मिलने से अब पीड़ित सीताराम बिश्नोई ने न्याय की गुहार लगाई है. इसके साथ ही राजेंद्र भाम्भू को श्रीगंगानगर के सदर थाने के सीआई और अन्य अधिकारियों को सस्पेंड करवाने की मांग की है.
Report-Kuldeep Goyal




