सबकी खबर , पैनी नज़र

May 28, 2026 10:26 pm

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भारतीय सेना के संयुक्त प्रयासों से कसौली के जंगलों की आग पर काबू पाया गया

हर काम देश के नाम

चंडीगढ़: 27 मई 2026, 15 घंटे से अधिक समय तक चले लगातार रात्रिकालीन अभियान और दिनभर जारी प्रयासों के दौरान, भारतीय सेना ने भारतीय वायुसेना, कसौली एवं चंडीगढ़ प्रशासन के नागरिक अधिकारियों तथा अन्य स्थानीय एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में कार्य करते हुए, कसौली के पश्चिमी ढलानों पर स्थित गिल्बर्ट ट्रेल और अपर मॉल क्षेत्र में भड़की भीषण वनाग्नि पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है।

26 मई 2026 को लगभग दोपहर 3 बजे आग लगने के बाद, भारतीय सेना की कसौली ब्रिगेड ने घने जंगलों और दुर्गम क्षेत्र में आग के फैलाव को रोकने के लिए तुरंत और समन्वित कार्रवाई शुरू की। इस अभियान में सेना के जवानों, फायर टेंडरों और जल वाहनों द्वारा व्यापक जमीनी स्तर पर अग्निशमन प्रयास किए गए, वहीं भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने सुखना झील से पानी भरकर कई “बम्बी बकेट” सॉर्टीज़ के माध्यम से हवाई अग्निशमन अभियान चलाया। इन संयुक्त प्रयासों से गिल्बर्ट हिल और अपर मॉल सहित प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों में आग पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया तथा इसे संवेदनशील वन क्षेत्रों तक फैलने से रोका गया।
सेना के कर्मी, जिनमें लड़ाकू और गैर-लड़ाकू दोनों प्रकार के कर्मचारी शामिल हैं, कठिन परिस्थितियों में लगातार कार्य कर रहे हैं। वे फायरब्रेक तैयार करने, संवेदनशील क्षेत्रों को अलग-थलग करने तथा शेष हॉटस्पॉट्स को बुझाने में जुटे हैं ताकि आग दोबारा न भड़क सके। दुर्गम क्षेत्रों में हवाई अग्निशमन अभियान अभी भी जारी है।
अभियान में तैनात सभी कर्मी और उपकरण सुरक्षित हैं। नागरिकों या राहतकर्मियों के बीच किसी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं है।
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेन्द्र सिंह, एवीएसएम, एसएम**, आर्मी कमांडर, पश्चिमी कमान, ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जारी अभियानों की समीक्षा की और जमीनी स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया, साहस और अथक प्रयासों की सराहना की। उनके उत्कृष्ट पेशेवर कौशल और समर्पण के सम्मान में, उन्होंने अग्निशमन अभियान में सक्रिय रूप से शामिल कर्मियों को ऑन-द-स्पॉट प्रशंसा पत्र प्रदान किए।
यह अभियान एक बार फिर भारतीय सशस्त्र बलों की उच्च स्तर की ऑपरेशनल रेडीनेस, अंतर-एजेंसी समन्वय तथा प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय आपात स्थितियों के दौरान जीवन, संपत्ति और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।