हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (एचपीसीईडी) को केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री विकास (पीएम विकास) योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी (पीआईए) के रूप में चुना गया है। इस योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 2,420 युवाओं और महिलाओं को कौशल विकास एवं उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस संबंध में 29 मई 2026 को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की निदेशक नेहा गिरी (आईएएस) और श्रीमती दीपिका खत्री, संयुक्त निदेशक (उद्योग) एवं कार्यकारी निदेशक, हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (एचपीसीईडी) ,के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
योजना के अंतर्गत 1,700 महिलाओं को महिला नेतृत्व एवं उद्यमिता घटक के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 720 अभ्यर्थियों को गैर-पारंपरिक (नॉन-ट्रेडिशनल) घटक के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों के कौशल को विकसित करने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को माउंटेन क्यूज़ीन, फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी थेरेपी, नेतृत्व विकास तथा बिजनेस मेंटरिंग (उद्यमी मित्र) जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम को प्रदेश के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें।योजना के तहत लाभार्थियों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि मोबिलाइजेशन, प्रमाणन और हैंडहोल्डिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं और महिलाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना तथा उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।
श्रीमती दीपिका खत्री, संयुक्त निदेशक (उद्योग) एवं कार्यकारी निदेशक, हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (एचपीसीईडी) ने कहा कि प्रधानमंत्री विकास योजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल लाभार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।










