सबकी खबर , पैनी नज़र

September 22, 2026 11:46 pm

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ग्रीष्मोत्सव में हिमाचल के 200 कलाकार बिखेरेंगे लोक संस्कृति के रंग*

शिमला 06 जून, 2026, पंजाबी गायक बॉबी सिद्धू भी देंगे प्रस्तुति, एनजेडसीसी पटियाला के विभिन्न राज्यों के दल करेंगे मनोरंजन*

अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दौरान हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और कला का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। 8 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित उत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 200 कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह मंच न केवल स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू करवाएगा।

उपायुक्त शिमला एवं अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव आयोजन समिति अनुपम कश्यप ने बताया कि ग्रीष्मोत्सव का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाना तथा स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली कलाकार हैं, जिन्हें बड़े मंचों पर अपनी कला प्रस्तुत करने के अवसर कम मिलते हैं। ग्रीष्मोत्सव के माध्यम से ऐसे कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्सव के दौरान प्रतिदिन हिमाचल प्रदेश के लोक गायक, लोक नर्तक, वाद्य यंत्र वादक तथा सांस्कृतिक दल मंच पर अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की विविध लोक परंपराओं, संगीत और नृत्य शैलियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे न केवल कलाकारों का उत्साहवर्धन होगा, बल्कि युवा पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।

उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देना आयोजन समिति की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। ग्रीष्मोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और इसके जरिए हिमाचल की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनजेडसीसी) पटियाला के सहयोग से विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दल भी प्रतिदिन अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां देंगे। इनमें उत्तराखंड का छोलिया नृत्य, राजस्थान का भवई नृत्य, जम्मू एवं कश्मीर का गोजरी नृत्य तथा हरियाणा के घूमर और फाग नृत्य शामिल हैं। इन प्रस्तुतियों से दर्शकों को देश की सांस्कृतिक विविधता की झलक भी देखने को मिलेगी।

ग्रीष्मोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष आकर्षण 10 जून को होने वाली पंजाबी गायक बॉबी सिद्धू की प्रस्तुति होगी। अपने लोकप्रिय गीतों और मधुर गायन शैली के लिए प्रसिद्ध बॉबी सिद्धू दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 में स्थानीय और बाहरी कलाकारों की प्रस्तुतियों का यह संगम सांस्कृतिक एकता, लोक परंपराओं के संरक्षण और कलाकारों के सम्मान का एक सशक्त मंच सिद्ध होगा।