शिमला 09 जून, 2026,राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अपने दो दिवसीय प्रवास के तहत आज शिमला स्थित होटल पीटरहॉफ पहुंचा। प्रवास के प्रथम दिन आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने की। इस अवसर पर आयोग के सदस्य निरुपम चकमा एवं डॉ. आशा लकड़ा भी उपस्थित रहे।
बैठक में निगम में आरक्षण नीति के क्रियान्वयन तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। आयोग ने भर्ती प्रक्रिया, पदोन्नति, रोस्टर प्रणाली, कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवा संबंधी प्रावधानों के अनुपालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने निर्देश दिए कि रोस्टर प्रणाली को पूर्ण रूप से पारदर्शी बनाया जाए तथा इसे ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जाए, ताकि जनजातीय क्षेत्र के कर्मचारियों को पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने बाह्य स्रोत के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों के लिए भी रोस्टर प्रणाली लागू करने पर बल दिया, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त हो सकें।
आयोग ने निगम के संपर्क अधिकारी को शीघ्र प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा उनके कौशल विकास को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
आयोग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजातीय क्षेत्रों के कर्मचारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाएं तथा उनके संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ किया जाए।
बैठक के दौरान आयोग ने जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए विशेष कौशल विकास योजना तैयार करने तथा लंबित रिक्तियों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बैठक में जानकारी दी गई कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अंतर्गत प्रदेशभर में 56 होटल, 12 जलपान गृह, 53 भोजनालय तथा 9 विपणन कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं। निगम में वर्तमान में 1598 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त जनजातीय क्षेत्रों में संचालित होटलों एवं वहां चल रहे विकासात्मक कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित सभी संवैधानिक प्रावधानों एवं सरकारी नीतियों का प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं उनके हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी विशेष बल दिया गया।
आयोग के सदस्य निरुपम चकमा एवं डॉ. आशा लकड़ा ने भी बैठक के दौरान अपने विचार साझा किए। दोनों सदस्यों ने पर्यटन विकास निगम के सुदृढ़ीकरण एवं विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
आयोग के संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजीव कुमार ने बैठक का संचालन किया।
बैठक में आयोग के निदेशक पूर्णेन्दु कांत सहित आयोग एवं पर्यटन विकास निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ भी एक अलग बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों ने पदोन्नति, आरक्षण प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन, कार्यस्थल पर आने वाली कठिनाइयों तथा अन्य प्रशासनिक विषयों से संबंधित समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं।
आयोग ने कर्मचारियों की मांगों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
आयोग के अध्यक्ष ने किया पौधारोपण
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने होटल पीटरहॉफ परिसर में चिनार का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर आयोग के सदस्य निरुपम चकमा ने रुद्राक्ष, सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने मैगनोलिया तथा संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने सिल्वर पाइन का पौधा लगाया।
आयोग ने पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन के प्रति सामूहिक सहभागिता का संदेश देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।









