
धार्मिक एवं समाजसेवी व्यक्तित्व के रूप में थी पहचान, जरूरतमंदों की सेवा को समर्पित रहा जीवन
चंडीगढ़: पवन चोपड़ा, हरियाणा के वरिष्ठ एचसीएस अधिकारी आशुतोष राजन की माता कृष्णा धम्मी का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार, 29 जून को दोपहर में किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, आशुतोष राजन परिवार सहित विदेश प्रवास पर यूनाइटेड किंगडम (यूके) गए हुए थे। माता के निधन का समाचार मिलते ही वे तत्काल भारत के लिए रवाना हुए और रविवार सुबह लगभग 6 बजे पंचकूला पहुंचे। वहीं उनकी बहन, जो वर्तमान में कनाडा में रहती हैं, सोमवार को पंचकूला पहुंचेंगी। उनके पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न होगी।
धार्मिक आस्था और सेवा भावना से परिपूर्ण था जीवन
कृष्णा धम्मी धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। ईश्वर में उनकी गहरी आस्था थी और वे नियमित रूप से धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भाग लेती थीं। उनका जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक माना जाता था। वे गरीबों, निर्धनों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहती थीं तथा यथासंभव उनकी मदद करना अपना सामाजिक दायित्व समझती थीं।
संस्कारों की अमिट छाप
परिजनों और परिचितों का कहना है कि कृष्णा धम्मी ने अपने बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन, सेवा और मानवीय मूल्यों के जो संस्कार दिए, उनकी झलक आज उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली में स्पष्ट दिखाई देती है। यही कारण है कि उनके निधन को परिवार ही नहीं, बल्कि उन्हें जानने वाले अनेक लोगों ने भी अपनी व्यक्तिगत क्षति माना है।
शोक व्यक्त करने वालों का लगा तांता
कृष्णा धम्मी के निधन का समाचार मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, शुभचिंतकों तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।









