सबकी खबर , पैनी नज़र

June 29, 2026 4:42 pm

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मानसून से पहले हिमाचल प्रदेश में दूरसंचार नेटवर्क को दुरुस्त करने में जुटा विभाग

बीते सालों की आपदा से लिया सबक

इंट्रा-सर्किल रोमिंग पर भी रहेगा जोर

शिमला 29 जून . मानसून को देखते हुए दूरसंचार विभाग के हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र द्वारा राज्य भर में दूरसंचार तैयारियों को सुदृढ़ करने तथा संचार नेटवर्क की सुदृढ़ता को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है ।

दूरसंचार विभाग के हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र के अपर महानिदेशक (दूरसंचार) वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों तथा भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड), बादल फटने की घटनाओं एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति इसकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, आपातकालीन परिस्थितियों में निर्बाध दूरसंचार संपर्क सुनिश्चित करना दूरसंचार विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। विश्वसनीय दूरसंचार सेवाएँ आपदा प्रतिक्रिया, राहत कार्यों के समन्वय तथा नागरिकों तक समयबद्ध सूचना के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

बीते सालों की आपदा स्थितियों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर विभाग ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों तथा राज्य में कार्यरत दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) के साथ निकट समन्वय स्थापित करते हुए अनेक तैयारी संबंधी उपाय किए हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने क्षतिग्रस्त ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC), पोल आदि को बदलकर तथा OFC के वैकल्पिक मार्गों (Redundant OFC Routes) की योजना बनाकर अपने नेटवर्क को भी सुदृढ़ किया है।

दूरसंचार विभाग के हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र ने आपातकालीन परिस्थितियों में दूरसंचार सेवाओं की समयबद्ध प्रतिक्रिया एवं बहाली सुनिश्चित करने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMAs) तथा दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है। तैयारी के स्तर का आकलन करने तथा संवेदनशील एवं आपदा-प्रवण क्षेत्रों में दूरसंचार नेटवर्क की सुदृढ़ता को और मजबूत करने हेतु आवश्यक उपायों की पहचान के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

इन तैयारी संबंधी पहलों के अंतर्गत हाल ही में दूरसंचार विभाग के हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र के अधिकारियों तथा सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधियों ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हिमाचल प्रदेश के समन्वय से आयोजित बैठकों, टेबल-टॉप अभ्यासों तथा मॉक ड्रिलों में भाग लिया। इन अभ्यासों का उद्देश्य तैयारियों का मूल्यांकन करना, प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता का परीक्षण करना तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में दूरसंचार सेवाओं की प्रभावी बहाली एवं निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय को सुदृढ़ करना था।

एक प्रमुख फोकस क्षेत्र इंट्रा-सर्किल रोमिंग (ICR) की संचालनात्मक तत्परता सुनिश्चित करना रहा है। ICR नेटवर्क अवरोध की स्थिति में उपभोक्ताओं को आवश्यकता पड़ने पर अन्य दूरसंचार सेवा प्रदाता के नेटवर्क का उपयोग करने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे संचार सेवाओं की निरंतरता बनी रहती है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष मानसून के दौरान उत्पन्न आपदा परिस्थितियों में दूरसंचार विभाग ने मंडी जिले के थुनाग क्षेत्र में तथा चंबा, कुल्लू एवं लाहौल एवं स्पीति जिलों में ICR के कार्यान्वयन को सुगम बनाया था। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को निर्देशित किया गया है कि वे आपातकालीन परिस्थितियों में राज्यभर में ICR व्यवस्था की तत्परता बनाए रखें, जिसमें अन्य राज्यों से आने वाले आगंतुक तथा रोमिंग उपभोक्ता भी शामिल हैं।

दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को भौगोलिक रूप से विविध मार्गों के माध्यम से संचरण नेटवर्क में वैकल्पिक व्यवस्था (Redundancy) सुनिश्चित करने तथा दूरसंचार प्रतिष्ठानों पर विद्युत बैकअप व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की सलाह दी गई है। विभाग ने आगे निर्देश दिया है कि दूरसंचार सेवा प्रदाता पर्याप्त आपातकालीन बहाली संसाधन, सक्रिय ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बहाली किट, पोर्टेबल बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) तथा दूरसंचार सेवाओं की त्वरित बहाली हेतु आवश्यक अन्य महत्वपूर्ण संसाधन उपलब्ध रखें।

आपातकालीन परिस्थितियों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा दूरसंचार अवसंरचना तक पहुँच की महत्वपूर्ण आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विभाग राज्य सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के साथ सक्रिय समन्वय कर रहा है, ताकि सड़क संपर्क उपलब्ध रहे, डीजी सेटों हेतु ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा वाणिज्यिक विद्युत आपूर्ति की निरंतरता एवं बहाली बनी रहे। ये उपाय दूरसंचार नेटवर्क के संचालन को बनाए रखने तथा दीर्घावधि विद्युत व्यवधान एवं आपदा स्थितियों के दौरान निर्बाध संचार सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।