सबकी खबर , पैनी नज़र

June 30, 2026 11:14 pm

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अनुसूचित जाति किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान की पहल

शिमला: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के निर्देशन में केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत घाट कुम्हाला, विकास खंड कंडाघाट, जिला सोलन में कृषि आदान वितरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 100 अनुसूचित जाति के प्रगतिशील किसानों को स्प्रेयर मशीन एवं जैव उर्वरकों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक खेती तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों से जोड़ते हुए उनकी उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना था। इस योजना के माध्यम से किसानों को आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध कराने के साथ-साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया, जिससे वे टिकाऊ एवं लाभकारी खेती को अपनाने के लिए प्रेरित हों।

डॉ. बृजेश सिंह, निदेशक ने किसानों को संबोधित करते हुए आलू उत्पादन में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने तथा व्यावसायिक स्तर पर आलू की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, क्षेत्र के किसानों को आधुनिक तकनीकी सहायता एवं वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। डॉ. बृजेश सिंह ने किसानों को स्प्रेयर मशीन एवं जैव उर्वरकों का वितरण किया। इन कृषि आदानों से किसानों को किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

डॉ. आलोक कुमार, प्रधान , सामाजिक विज्ञान विभाग ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व और उसके दीर्घकालिक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाकर उत्पादन एवं आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा संतुलित पोषण प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर डॉ. अविनाश चंद्र राय ने मृदा परीक्षण के महत्व पर विशेष बल देते हुए किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। वैज्ञानिकों ने मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग, कम्पोस्ट एवं हरी खाद के प्रयोग तथा टिकाऊ कृषि प्रणालियों को अपनाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।

ग्राम प्रधान श्रीमती हेमा तनवर तथा उपप्रधान श्री रंजीत कुमार ने कार्यक्रम के समन्वय एवं स्थानीय स्तर पर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होने बताया की अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के द्वारा कृषि आदानों के वितरण के साथ वैज्ञानिक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन का समन्वय ही किसानों की आय बढ़ाने तथा टिकाऊ कृषि विकास का प्रभावी माध्यम हो सकता है।

कार्यक्रम में लगभग 100 किसानों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए वैज्ञानिकों से कृषि संबंधी समस्याओं एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सामाजिक विज्ञान प्रभाग के श्रीमती निर्मला चौहान, श्री राकेश कुमार, श्री डी पी गौतम का विशेष योगदान रहा।