शिमला 14 जुलाई, 2026, शिमला की ग्राम पंचायत मेहली के पुजारली के रहने वाले आकाश ने पुजारली मोबाइल रिपेयर की शॉप*
जिलाधीश ने किया शॉप का शुभारंभ
“आकाश” ने ऐसा “आकाश” बना लिया है, जिसमें उसको उड़ान मिल रही है। भले ही चुनौतियों और मुसीबतों के कितने तूफ़ान आकाश की जिंदगी में आए । लेकिन उसके लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना एक वरदान साबित हो रही है।
इस योजना के माध्यम से आकाश ने “द फर्स्ट इंस्पेक्शन” नाम से मोबाइल शॉप खोल ली है। अब घर के नजदीक ही अपनी आजीविका कमा रहा है।
मंगलवार को जिलाधीश अनुपम कश्यप ने आकाश की मोबाइल रिपेयर शॉप का शुभारंभ कर हौसला बढ़ाया। इस दौरान जिलाधीश अनुपम कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना की वजह से चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के जीवन में व्यापक सुधार आ रहा है। ऐसे बच्चे अपने सपनों को अब पूरा कर रहे हैं। आकाश अन्य चिल्ड्रन ऑफ स्टेट के लिए भी रोल मॉडल है। जब एक बार लक्ष्य तय कर लें तो उसे हासिल करने के लिए मेहनत करनी होती है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच के परिणाम धरातल पर देखने को मिलते है। उन्होंने कहा कि जिला में 8 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट स्टार्टअप के माध्यम से स्वरोजगार शुरू कर चुके है।।
इस मौके पर सीडीपीओ शिमला इंदु शर्मा सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।
पहले पिता और 1 साल बाद मां का हुआ था निधन
19 दिसंबर 2020 को आकाश के पिता चंद्र कुमार शर्मा का आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद मां के कंधों पर सारा बोझ लालन पोषण का आ गया । अभी पिता के जाने का दुःख आकाश सह ही रहा था कि वर्ष 2021 दिसंबर मां नीतू शर्मा का देहांत हो गया। फिर तो आकाश और उसके भाई प्रकाश पर मुसीबतों का पहाड़ ही टूट गया। मां बाप के खोने का दर्द क्या होता है ये दोनों बेटे ही जानते है।। इन्होंने कभी सोचा नहीं था कि जिंदगी में कुछ बेहतर कर पाएंगे ।
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना बनी सहारा
लेकिन वर्ष 2023 में जब प्रदेश में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच के चलते मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू हुई । तो इस योजना ने इनकी किस्मत बदल दी। योजना के तहत आकाश को हर महीने 4 हजार रुपए की मासिक वित्तीय सहायता मिलना शुरू हो गई। इसके बाद ही आकाश को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्ज़ा मिला और अन्य लाभ योजना के तहत मिलना शुरू हुए। फिर आकाश ने अपने सपनों को फिर से देखना शुरू कर दिया। पीजीडीसीए डिप्लोमा आकाश ने किया जिसकी फीस 23000 रुपए विभाग की ओर से ही दी गई। मार्च 2026 में मोबाइल रिपेयर की ट्रेनिंग के लिए चण्डीगढ़ गया।। इसके लिए योजना के तहत वित्तीय राशि जारी की गई। फिर प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद पुजारली में मोबाइल रिपेयर शॉप खोल ली है। अभी तक मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत स्वरोजगार सहायता स्टार्ट फंड एक लाख 40 हजार रुपए जारी किए जा चुके है। जबकि 60 हजार रुपए की अंतिम किश्त के लिए आवेदन किया हुआ है।
क्या है सुखआश्रय योजना
हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने 2023 में सुख आश्रय योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत सरकार ने छह हजार बच्चों को गोद लिया है। इसके तहत अनाथ और त्याग किए गए बच्चों को सरकार 14 वर्ष की आयु तक 1,000 रुपये की मासिक सहायता और 18 वर्ष की आयु तक 2,500 रुपये प्रति माह मिलता है. इसके अतिरिक्त, बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक हर महीने 4,000 रुपये की पॉकेट मनी भी प्रावधान है. राज्य सरकार 27 वर्ष की आयु तक उनकी उच्च शिक्षा का पूरा खर्च वहन करेगी और छात्रावास उपलब्ध न होने पर पीजी खर्च के लिए 3,000 रुपये उपलब्ध कराएगी. इसके साथ ही पढ़ाई, बिजनेस और स्टार्ट-अप के लिए, घर बनाने और शादी करने के लिए आर्थिक सहायता देने का भी प्रावधान है।
आकाश ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
आकाश ने कहा कि वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना ने मेरे जीवन में अहम योगदान दिया है। जो मुझे महीने के 4 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिलती थी । वो काफी मददगार रहा। मैंने इग्नू से स्नातक की डिग्री की ।इसके साथ ही शार्ट हैंड भी सीखा। लेकिन फिर मैंने मोबाइल ट्रेनिंग करने का फैसला लिया है । मुझे दो लाख रुपए की सहायता मिली। इससे मैंने ट्रेनिंग भी की और पुजारली में मोबाइल रिपेयर शॉप खोली है। ये सब प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की वजह से हुआ है। उन्होंने चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्ज़ा देकर है हम जैसो के लिए प्रदेश सरकार को माता पिता की भूमिका में लगाया है। मैं प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का धन्यवाद व्यक्त करता हूँ।









