*✴️कलियुगाब्द – 5128*
*✴️संवत – रौद्र*
*✴️संवत्सर राजा – गुरु*
*✴️संवत्सर मंत्री – मङ्गल*
*✴️दिनांक – 23 अगस्त 2026*
*✴️दिन – रविवार*
*✴️विक्रम संवत् – 2083*
*✴️अयन – दक्षिणायण*
*✴️ऋतु – शरद*
*✴️मास – भाद्रप्रद 07*
*✴️पक्ष – शुक्ल*
*✴️तिथि – एकादशी प्रातः 04:18 अगस्त 24 तक, तत्पश्चात् द्वादशी*
*✴️नक्षत्र - मूल शाम 05:44 तक तत्पश्चात् पूर्वाषाढा*
*✴️योग – विष्कम्भ प्रातः 06:14 तक प्रीति*
*✴️राहुकाल – शाम 05:17 से शाम 06:53 तक*
*✴️सूर्योदय – 06:06*
*✴️सूर्यास्त – 06:53*
*✴️दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*✴️ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:36 से प्रातः 05:21 तक*
*✴️अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:04 से दोपहर 12:55 तक*
*✴️निशिता मुहूर्त – मध्यरात्रि 12:07 से मध्यरात्रि 12:52 तक*
*✴️व्रत पर्व विवरण – पुत्रदा – पवित्रा एकादशी, सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 06:06 से शाम 05:44 तक)*
*✴️विशेष – एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*✴️निर्णयसिन्धु के प्रथम परिच्छेद में एकादशी के निर्णय में 18 भेद कहे गये हैंl*
*✴️कालहेमाद्रि में मार्कण्डेयजी ने कहा है – जब बहुत वाक्य के विरोध से यदि संदेह हो जाय तो एकादशी का उपवास द्वादशी को ग्रहण करे और त्रयोदशी में पारणा करे ।*
*✴️पद्म पुराण में आता है कि एकादशी व्रत के निर्णय में सब विवादों में द्वादशी को उपवास तथा त्रयोदशी में पारणा करे ।*
*✴️विशेष ~ अतः इस बार भी शास्त्र अनुसार 24 अगस्त को उपवास करें*
*🌞23 अगस्त 2026 रविवार से शरद ऋतु प्रारंभ🌞*
*🌞शरद ऋतु में ध्यान देने योग्य महत्त्वपूर्ण बातें :*
*✴️१] रोगाणां शारदी माता रोगों की माता है यह शरद ऋतु वर्षा ऋतु में संचित पित्त इस ऋतु में प्रकुपित होता है इसलिए शरद पूर्णिमा की चाँदनी में उस पित्त का शमन किया जाता हैं।*
*✴️इस मौसम में खीर खानी चाहिए ।खीर को भोजनों में ‘रसराज’ कहा गया है ।सीता माता जब अशोक वाटिका में नजरकैद थीं तो रावण का भेजा हुआ भोजन तो क्या खायेंगी, तब इंद्र देवता खीर भेजते थे और सीताजी वह खाती थी।*
*✴️२] इस ऋतु में दूध, घी, चावल, लौकी, पेठा, अंगूर, किशमिश, काली द्राक्ष तथा मौसम के अनुसार फल आदि स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं।* *✴️गुलकंद खाने से भी पित्तशामक शक्ति पैदा होती है ।रात को (सोने से कम-से-कम घंटाभर पहले ) मीठा दूध घूँट – घूँट मुँह में बार-बार घुमाते हुए पियें | दिन में ७ – ८ गिलास पानी शरीर में जाय, यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।*
*✴️३] खट्टे, खारे, तीखे पदार्थ व भारी खुराक का त्याग करना बुद्धिमत्ता है। तली हुई चीजें, अचारवाली खुराक, रात को देरी से खाना अथवा बासी खुराक खाना और देरी से सोना स्वास्थ्य के लिए खतरा है क्योंकि शरद ऋतु रोगों की माता है।कोई भी छोटा-मोटा रोग होगा तो इस ऋतु में भडकेगा इसलिए उसको बिठा दो।*
*✴️४] शरद ऋतु में कड़वा रस बहुत उपयोगी है ।कभी करेला चबा लिया, कभी नीम के १०-१२ पत्ते चबा लिये | यह कड़वा रस खाने में तो अच्छा नहीं लगता लेकिन भूख लगाता है और भोजन को पचा देता है।*
*✴️५] पाचन ठीक करने का एक मंत्र भी है :*
*✴️अगस्त्यं कुम्भकर्ण च शनिं च वडवानलम् ।*
*आहारपरिपाकार्थ स्मरेद् भीमं च पंचमम् ।।*
*✴️यह मंत्र पढ़के पेट पर हाथ घुमाने से भी पाचनतंत्र ठीक रहता हैं।*
*✴️६] बार-बार मुँह चलाना (खाना) ठीक नहीं, दिन में दो बार भोजन करें। और वह सात्त्विक व सुपाच्य हो। भोजन शांत व प्रसन्न होकर करें । भगवन्नाम से आप्लावित ( तर, नम ) निगाह डालकर भोजन को प्रसाद बना के खायें।*
*✴️७] ५० साल के बाद स्वास्थ्य जरा नपा-तुला रहता है, रोगप्रतिकारक शक्तिदबी रहती है। इस समय नमक, शक्कर और घी-तेल पाचन की स्थिति पर ध्यान देते हुए नपा-तुला खायें, थोडा भी ज्यादा खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।*
*✴️८] कइयों की आँखें जलती होंगी, लाल हो जाती होंगी।कइयों को सिरदर्द होता होगा।तो एक –एक घूँट पानी मुँह में लेकर अंदर गरारा (कुल्ला) करता रहे और चाँदी का बर्तन मिले अथवा जो भी मिल जाय, उसमें पानी भर के आँख डुबा के पटपटाता जाय ।मुँह में दुबारा पानी भर के फिर दूसरी आँख डुबा के ऐसा करें ।फिर इसे कुछ बार दोहराये । इससे आँख व सिर की गर्मी निकलेगी । सिरदर्द और आँखों की जलन में आराम होगा व नेत्रज्योति में वृद्धि होगी।*
*✴️९] अगर स्वस्थ रहना है और सात्त्विक सुख लेना है तो सुर्योदय के पहले उठना न भूलें। आरोग्य और प्रसन्नता की कुंजी है सुबह-सुबह वायु-सेवन करना ।सूरज की किरणें नही निकली हों और चन्द्रमा की किरणें शांत हो गयी हों उस समय वातावरण में सात्तिवकता का प्रभाव होता है। वैज्ञानिक भाषा में कहें तो इस समय ओजोन वायु खूब मात्रा में होती है और वातावरण में ऋणायनों का प्रमाण अधिक होता है।वह स्वास्थ्यप्रद होती है। सुबह के समय की जो हवा है वह मरीज को भी थोड़ी सांत्वना देती है।*
*🌞दैनिक राशिफल🌞*
*23 अगस्त, 2026, रविवार*
*✴️मेष राशि : आज धार्मिक कार्य सम्पन्न होगा। मातापिता का सहयोग मिलेगा। राज काज में संघर्ष होगा। दैनिक रोजगार में प्रगति होगी। दिन अच्छा रहेगा। मन प्रसन्न होगा। कारोबार से लाभ होगा। दैनिक रोजगार नियमित रहेगा। मित्र से मिलाप होगा। सुखद समाचार मिलेंगे।*
*✴️वृष राशि : दूर-समीप की यात्रा बनेगी। परिवार पर व्यय होगा। मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। दायित्व का निर्वाह होगा। राजकाज में सफलता मिलेगी। पराक्रम में वृद्धि होगी। परिवार में सहयोग मिलेगा। संतान द्वारा सहयोग मिलेगा। प्रतियोगिता में विजय होगी। शत्रु परास्त होंगे।*
*✴️मिथुन राशि : परिवार में सामंजस्य बनेगा। संतान सुख मिलेगा। शत्रु परास्त होंगे। शिक्षा में प्रगति और निर्माण कार्य में बाधा आयेगी। अधिकारी से विवाद हो सकता है। धन में कठिनाई आयेगी। पारिवारिक समस्याएं आयेंगी। निर्माण में प्रगति होगी। भौतिक सुखों पर धन खर्च होगा।*
*✴️कर्क राशि : शारीरिक स्वास्थ्य में कमी आएगी। मानसिक तनाव अधिक होगा। व्यय अधिक होगा। दूर-समीप की यात्रा होगी। शारीरिक स्वास्थ्य में कमी आयेगी। मानसिक तनाव अधिक होगा। व्यय अधिक होगा। दूर-समीप की यात्रा होगी। साझेदारी से लाभ होगा।*
*✴️सिंह राशि : कुटुम्बजनों में प्रसन्नता रहेगी। धन का लाभ होगा। समस्या का समाधान होगा। मानसिक शांति मिलेगी। कार्य में विजय प्राप्त होगी। पारिवारिक समस्याएं आयेंगी। पराक्रम में वृद्धि होगी। संतान का सहयोग मिलेगा। शत्रु परास्त होंगे। राजकाज में सफलता मिलेगी।*
*✴️कन्या राशि : धन का लाभ होगा। नौकरी में उन्नति होगी। समस्या का समाधान होगा। व्यापार में विस्तार होगा। दाम्पत्य सुख की प्राप्ति होगी। दैनिक दिनचर्या अच्छी रहेगी। कार्यों में प्रगति होगी। धन का लाभ मिलेगा। राजकाज में सफलता मिलेगी।*
*✴️तुला राशि : धन का लाभ होगा। कारोबार में विस्तार और लाभ होगा। संतान का सहयोग मिलेगा। धर्म कार्य सम्पन्न होंगे। पराक्रम में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खर्च अधिक होगा। दूर समीप की यात्रा होगी। पराक्रम में वृद्धि होगी। घरेलू समस्या आयेगी।*
*✴️वृश्चिक राशि : कारोबार में सहयोग मिलेगा। कठिनाइयां दूर होगी। योजना का विस्तार होगा। शिक्षा पर धन खर्च होगा। धन का लाभ होगा। समस्या का समाधान होगा। परिवार की समस्या रहेगी। प्रतिष्ठा का लाभ होगा। शत्रु पर विजय प्राप्त होगी।*
*✴️धनु राशि : व्यापार में लाभ होगा। शिक्षा में लाभ मिलेगा। उदर-विकार होगा। कठिन परिश्रम करना पडेगा। धन का लाभ मिलेगा। धन का लाभ मिलेगा। परिवारिक समस्याएं रहेंगी। राजकाज में संघर्ष होगा। मानसम्मान का ध्यान रखें।*
*✴️मकर राशि : गुप्त शत्रु से हानि हो सकती है। मानसिक परेशानी रहेगी। उदर-विकार होगा। दैनिक रोजगार सामान्य रहेंगे। पत्नी के स्वास्थ्य में कष्ट रहेगा। दैनिक कार्य में बाधाएं आयेंगी। मानसिक अशांति रहेगी। राजकाज में विलम्ब होगा। निर्माण में प्रगति होगी।*
*✴️कुम्भ राशि : व्यय अधिक होगा। कारोबार से आर्थिक लाभ पहले से बढेगा। राजकाज में वृद्धि होगी। शिक्षा में लाभ मिलेगा। धन का लाभ होगा। अपव्यय रहेगा। यात्रा में कष्ट रहेगा। शत्रु पर विजय प्राप्त होगी।*
*✴️मीन राशि : धन का लाभ मिलेगा। व्यापार में विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। संतान सुख मिलेगा। नई योजनाएं बनेंगी। कार्य में उत्साह रहेगा। राजनीतिक लाभ मिलेगा। धन का लाभ होगा। घरेलू समस्याएं आयेंगी।*
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