13 करोड़ रुपये की भूमि खरीद को केंद्र की मंजूरी, 70 हजार बीमाकृत श्रमिकों और परिवारों को होगा सीधा लाभ
चंडीगढ़:पवन चोपड़ा,हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अंबाला छावनी में औद्योगिक श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ी स्वास्थ्य सौगात मिलने जा रही है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की ओर से अंबाला छावनी के सेक्टर-33 में 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इस अस्पताल के निर्माण के लिए 5.18 एकड़ भूमि की खरीद हेतु करीब 13 करोड़ रुपये की राशि केंद्र सरकार ने मंजूर कर दी है। अस्पताल बनने के बाद अंबाला सहित आसपास के क्षेत्रों के करीब 70 हजार बीमाकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
विज के अनुसार, अंबाला छावनी और साहा औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं और इनमें हजारों श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे में सेक्टर-33 में ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
*श्रमिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता, केंद्र से लगातार समन्वय*
श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अंबाला छावनी में 100 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था। इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए केंद्र ने अस्पताल के लिए भूमि खरीदने के लिए करीब 13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
विज ने कहा कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए वह स्वयं पिछले काफी समय से केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय कर रहे थे। अब भूमि खरीद के लिए राशि स्वीकृत होने से अस्पताल की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
उन्होंने इसे अंबाला छावनी, साहा औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के जिलों के बीमाकृत श्रमिकों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि अस्पताल का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बीमाकृत श्रमिकों को समयबद्ध, बेहतर और मरीज-केंद्रित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
*जीटी रोड पर पहला 100 बिस्तरों वाला ईएसआई अस्पताल*
अंबाला छावनी में प्रस्तावित यह अस्पताल हरियाणा में ईएसआई व्यवस्था के विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह जीटी रोड पर बनने वाला पहला 100 बिस्तरों वाला ईएसआई अस्पताल होगा। इसके अलावा हरियाणा ईएसआई हेल्थ केयर के तहत पानीपत, जगाधरी, फरीदाबाद और भिवानी में चार अस्पताल पहले से संचालित हैं।
श्रम मंत्री बनने के बाद अनिल विज ने हरियाणा ईएसआई हेल्थ केयर के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। विभिन्न क्षेत्रों में डिस्पेंसरियों का विस्तार करने के साथ-साथ श्रमिकों को उनके कार्यस्थल और निवास के नजदीक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया गया है।
अंबाला छावनी में नए अस्पताल की स्थापना इसी स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने वाली परियोजना के रूप में देखी जा रही है।
*आधुनिक जांच सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल*
प्रस्तावित ईएसआईसी अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा। अस्पताल में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और चिकित्सा मशीनों की व्यवस्था होगी, जिससे बीमाकृत श्रमिकों को सामान्य जांच से लेकर गंभीर बीमारियों की पहचान तक के लिए बेहतर सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।
अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एलएफटी, केएफटी, सीबीसी, लिपिड प्रोफाइल, यूरिन आरएम, ब्लड शुगर और ईसीजी जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही एमआरआई और खून से संबंधित अन्य आवश्यक जांचों की सुविधा भी प्रस्तावित है।
इससे श्रमिकों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य जांच के लिए दूर स्थित अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और समय पर बीमारी की पहचान तथा उपचार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
*मेडिसिन से लेकर सर्जरी और महिला स्वास्थ्य सेवाएं भी*
100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं की सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें मेडिसिन, सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग, अस्थि रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, त्वचा रोग और मनोरोग जैसी प्रमुख चिकित्सा सेवाएं शामिल होंगी।
महिला श्रमिकों और श्रमिक परिवारों के लिए प्रसूति एवं स्त्री रोग सेवाओं की उपलब्धता विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी। वहीं बच्चों के उपचार के लिए बाल रोग विभाग तथा दुर्घटनाओं और गंभीर मामलों के लिए आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
अस्पताल में इन-पेशेंट, आउट-पेशेंट और डे-केयर सेवाओं की भी व्यवस्था होगी, जिससे मरीज की आवश्यकता के अनुसार उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
*24 घंटे आपातकालीन और ट्रॉमा केयर की सुविधा*
औद्योगिक क्षेत्रों की मौजूदगी को देखते हुए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं भी अस्पताल की महत्वपूर्ण विशेषता होंगी। यहां 24 घंटे आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके साथ आधुनिक आईसीयू और उन्नत जांच सुविधाएं भी अस्पताल का हिस्सा होंगी। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दुर्घटना अथवा अचानक गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं अंबाला और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
*अंबाला के साथ आसपास के जिलों को भी मिलेगा लाभ*
अस्पताल का लाभ केवल अंबाला छावनी तक सीमित नहीं रहेगा। अंबाला और साहा औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों तथा समीपवर्ती जिलों में रहने वाले ईएसआई के अंतर्गत आने वाले श्रमिक और उनके परिवार भी इससे लाभान्वित होंगे।
करीब 70 हजार बीमाकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होने से मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे पर भी दबाव कम होगा। साथ ही मरीजों को विशेषज्ञ सेवाओं के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम पड़ सकती है।
*श्रमिक कल्याण के एजेंडे में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार*
अनिल विज के श्रम मंत्री बनने के बाद श्रमिक कल्याण के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता दी गई है। ईएसआई डिस्पेंसरियों का विस्तार और मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना इसी दिशा में उठाए गए कदमों का हिस्सा है।
अंबाला छावनी में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना को इसी व्यापक श्रमिक कल्याण नीति की अगली कड़ी माना जा रहा है। खास तौर पर औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए ईएसआई व्यवस्था का उद्देश्य उन्हें उपचार, दवा, जांच और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अनिल विज के लिए अंबाला में महत्वपूर्ण परियोजना
अंबाला छावनी से लंबे समय से जुड़े अनिल विज के लिए यह परियोजना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भूमि खरीद के लिए केंद्र से करीब 13 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल की स्थापना की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
विज ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने में उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। अब 5.18 एकड़ भूमि उपलब्ध होने के बाद अंबाला छावनी में आधुनिक ईएसआईसी अस्पताल का सपना धरातल पर उतरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
यह अस्पताल न केवल अंबाला के औद्योगिक श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा, बल्कि हरियाणा में ईएसआई स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और श्रमिक-केंद्रित चिकित्सा व्यवस्था को भी नई मजबूती देगा।








