शिमला।11 सितम्बर 2026, हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण पर बनाई गई एक फीचर फिल्म को लेकर फिल्म की टीम ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान फिल्म के निर्देशक, निर्माता और कलाकारों ने फिल्म की कहानी तथा इसके उद्देश्य के बारे में जानकारी साझा की।
जानकारी के अनुसार, फिल्म की शूटिंग हिमाचल प्रदेश में की गई है और इसे राज्य में बनने वाली शुरुआती फीचर फिल्मों में से एक बताया गया। फिल्म में पर्यावरण को होने वाले नुकसान और इसके लिए जिम्मेदार मानवीय गतिविधियों को प्रमुखता से दिखाया गया है। फिल्म के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाने का असर अंततः मानव जीवन पर भी पड़ता है।
फिल्म से जुड़े निर्माता मुकेश मोदी न्यूयॉर्क से हैं और उन्होंने हॉलीवुड के लिए फिल्मों का निर्माण करने का अनुभव साझा किया। बताया कि फिल्म को विभिन्न फिल्म समारोहों में प्रदर्शित किया जा चुका है, जिनमें न्यूयॉर्क,लंदन, कान उत्सव और कोलकाता के फिल्म समारोह में भी शामिल किया और लोगो ने इस फिल्म को पसंद किया। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिलने की बात की।
फिल्म को सेंसर बोर्ड से भी प्रशंसा मिलने का दावा किया गया। वहीं, फिल्म के निर्देशक एवं अभिनेत्री ने बताया कि इसमें करीब 90 प्रतिशत स्थानीय कलाकारों को अवसर दिया गया है। इससे हिमाचल के स्थानीय कलाकारों को फिल्म जगत में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला है।
निर्देशक ने कहा कि फिल्म बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति को सामने लाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। फिल्म में यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भी भुगतना पड़ सकता है।







