सबकी खबर , पैनी नज़र

October 15, 2026 9:33 pm

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AI का इस्तेमाल करें, लेकिन फैसले खुद लें: शूलिनी में विशेषज्ञ का संदेश

सोलन, 15 अक्टूबर 2026, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपने लिए फैसले लेने देने के बजाय, उससे सवाल पूछना और अपनी सोच का इस्तेमाल करना जरूरी है। यह संदेश अमेरिकी लेखक और विज्ञान संचारक पेसन आर. स्टीवंस ने शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित एक ऑनलाइन संवाद के दौरान छात्रों को दिया। इस वेबिनार में लगभग 130 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वय योगानंद स्कूल ऑफ AI, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंस के प्रमुख डॉ. पंकज वैद्य ने किया।
स्टीवंस यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया स्थित आर्थर सी. क्लार्क सेंटर फॉर ह्यूमन इमेजिनेशन से जुड़े फेलो हैं। उन्हें पृथ्वी प्रणाली विज्ञान और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में विज्ञान संचार के विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। उनकी हालिया पुस्तक Before AI Decides का मुख्य संदेश है कि लोगों को अपने जीवन और फैसलों पर नियंत्रण बनाए रखना चाहिए तथा सोचने और निर्णय लेने की जिम्मेदारी पूरी तरह AI को नहीं सौंपनी चाहिए।
शूलिनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशंस के प्रोफेसर चरणजीत  सिंह के साथ ऑनलाइन बातचीत में स्टीवंस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को जिज्ञासु बने रहने, हर तकनीक पर सवाल उठाने और अपने नवाचारों सेप्रभावित होने वाले लोगों की जरूरतों को समझने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि AI का समझदारी से इस्तेमाल काम को तेज करने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन महत्वपूर्ण फैसले लेने की जिम्मेदारी इंसानों की ही रहनी चाहिए। तकनीक का उद्देश्य मानवीय सोच और क्षमता को मजबूत करना होना चाहिए, न कि उसकी जगह लेना।
स्टीवंस ने विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों, शिक्षाविदों और युवाओं से मिलकर ऐसे नवाचारों और परियोजनाओं पर काम करने का आह्वान किया, जो वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान कर सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए आलोचनात्मक सोच, स्वतंत्र निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता जरूरी हैं।
भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि देश की विशाल आबादी के सामने अनेक चुनौतियां हैं, जिनका असर विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर पड़ता है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा पीढ़ी अनुभवी पेशेवरों के साथ मिलकर काम करे, तो इन समस्याओं के व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान खोजे जा सकते हैं।