
शिमला 22 अक्तूबर, 2026,एनसीसी युवाओं को राष्ट्र के जिम्मेदार, अनुशासित और जागरूक नागरिक बनने की दे रहा प्रेरणा- कविन्द्र गुप्ता
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज मंडी स्थित द्वितीय हिमाचल प्रदेश एनसीसी बटालियन का दौरा किया। उन्होंने बटालियन में स्थापित सर्वधर्म स्थल का विधिवत शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्यों के लिए एनसीसी बटालियन को भी प्रशस्तिपत्र प्रदान किया। लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन.सी.सी.) की स्थापना का उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, चरित्र, नेतृत्व, राष्ट्रीय एकता और निःस्वार्थ सेवा की भावना विकसित है। रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत यह संगठन देश के लाखों युवाओं को राष्ट्र के जिम्मेदार, अनुशासित और जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा दे रहा है।
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि एनसीसी का ‘एकता और अनुशासन’ आदर्श वाक्य है। यह केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक संपूर्ण दर्शन है। एकता हमें विविधताओं का सम्मान करना सिखाती है, जबकि अनुशासन हमें अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान बनाता है। जब ये दोनों गुण किसी युवा के व्यक्तित्व में समाहित हो जाते हैं, तो वह न केवल अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स में राष्ट्र पर न्यौछावर होने का जज्बा और देश के प्रति कुर्बानी की भावना बचपन से ही आ जाती है। प्रशिक्षण के माध्यम से उनमें देश के लिए समर्पण का भाव विकसित होता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी एनसीसी कैडेट रह चुके हैं और हिमाचल के पालमपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आते रहे हैं।राज्यपाल ने कहा कि अग्निवीर योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक विशिष्ट पहल है। इसमें युवाओं को राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार करने की पहल की गई है। इसी तर्ज पर एनसीसी भी देश के लिए समर्पित व अनुशासित युवाओं को तैयार करता है। उन्होंने कहा कि युद्ध अथवा शांतिकाल में राष्ट्र सेवा के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने में गृह रक्षक वाहिनी सहित एनसीसी जैसे संगठनों का विशेष महत्व रहता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवाओं ने भारतीय सशस्त्र बलों और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा तथा समर्पण से प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने में हिमाचल प्रदेश एन.सी.सी. की महत्वपूर्ण भूमिका है। अग्निवीर भर्ती में एनसीसी कैडेट्स का चयन इसे सार्थक करता है।
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि मंडी स्थित द्वितीय हिमाचल प्रदेश एनसीसी बटालियन की उपलब्धियां विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। पिछले वर्ष बटालियन को एनसीसी निदेशालय में सर्वश्रेष्ठ एनसीसी यूनिट चुना जाना इसकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली, अधिकारियों के समर्पण और कैडेट्स की मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि बटालियन मुख्यालय में सर्वधर्म स्थल की स्थापना से कैडैट्स में सर्वधर्म समभाव की भावना विकसित होगी।
अगस्त-सितंबर, 2026 में 28 बालिका कैडेट्स ने हिमाचल से जम्मू-कश्मीर तक आयोजित परांगला ट्रेकिंग अभियान में 22 दिनों तक भाग लेकर साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। इसी प्रकार, गोविंद सागर झील में 70 कैडेट्स द्वारा 12दिनों से अधिक समय में लगभग 350 किलोमीटर की नौकायन यात्रा पूरी करना अनुशासन, शारीरिक क्षमता और सामूहिक प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण है।
राज्यपाल ने कहा कि ये उपलब्धियां इंगित करती हैं कि हिमाचल प्रदेश के युवा केवल चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार नहीं हैं, बल्कि अपने साहस और प्रतिभा से नई संभावनाएं भी तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि नाहन की कैडेट कृतिका शर्मा द्वारा अखिल भारतीय एनसीसी बालिका अभियान के अंतर्गत माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना अत्यंत प्रेरणादायक उपलब्धि है।
एनसीसी के ग्रुप कमांडर हरजीत सिंह ने एन.सी.सी. की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि शिमला ग्रुप के तहत एनसीसी के लगभग 35,000 कैडेट्स विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से उन्हें विविध अनुभव मिल रहे हैं।
मंडी बटालियन के कमांडर ब्रिगेडियर कर्नल अभिषेक मुखर्जी ने बटालियन की विभिन्न उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार तथा एनसीसी व अन्य विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।








