शिमला समेत ऊपरी शिमला में सुबह से ही हल्की बर्फबारी हो रही है। जिसके चलते प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ गया है। पहली बर्फबारी से पर्यटन स्थल पूरी तरह से चहक उठे हैं। नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे अभी भी बहुत से पर्यटक विभिन्न पर्यटन स्थलों पर ठहरे हुए हैं। धर्मशाला में धौलाधार की पहाड़ियां बर्फ से ढक गई हैं व त्रियुंड सहित बिलिंग घाटी में बर्फबारी का दौर चल रहा है। पर्यटन नगरी मनाली में सोलंगनाला सहित अटल टनल रोहतांग के छोर व लाहुल घाटी में आधा फीट से ज्यादा ताजा हिमपात हुआ है। सोलंगनाला तक पर्यटक पहुंच गए हैं व सुबह बर्फ में खूब मस्ती भी की। उधर, शिमला के नारकंडा व कुफरी में भी बर्फबारी हो रही है। जिला चंबा के टूरिस्ट डेस्टिनेशन डलहौजी के ऊपरी इलाकों में भी बर्फ के फाहे गिरने से सैलानी चहक उठे हैं।पर्यटन स्थलों में जहां बर्फबारी के बाद खुशी का माहौल है।लेकिन जनजातीय इलाकों में बर्फबारी से दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। चंबा जिला के जनजातीय क्षेत्र पांगी में बर्फबारी शुरू होते ही लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घाटी में करीब सात इंच से एक फीट तक ताजा बर्फबारी हो चुकी है, इस कारण घाटी की 19 पंचायतों का संपर्क मुख्यालय के साथ साथ जिला प्रदेश और देश से कट गया है। यहां नेटवर्क में भी दिक्कत आ गई है।बर्फबारी के कारण मंगलवार रात से बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है। यातायात व्यवस्था भी ठप हो गई है लोगों को घाटी से बाहर निकलने वाले वाये जम्मू कश्मीर और वाया मनाली दोनों रास्ते बंद हो गए हैं। अब लोगों सरकार के तरफ टकटकी लगाए हुए बैठे हैं कि कब पांगी के लिए हवाई उड़ान करवा कर कब राहत प्रदान करवाती है।





