सबकी खबर , पैनी नज़र

LIVE TV

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

March 30, 2026 11:05 pm

मुंडन संस्कार में लगवैली तारपुर कोठी के देवता आदि ब्रम्हा हुए शामिल

लगघाटी तारापुर कोठी के अधिष्ठात्र देवता आदि ब्रम्हा(शैला पलोता) कल रात अपने कारीकुनों और हरियानो के साथ बटाहर हरिपुर दीनू राही के पोते सात्विक राही और पोती मन्नत राही के मुंडन संस्कार हेतु कुल्लू से राही परिवार के निवास स्थान पर पहुंच चुके हैं। राही परिवार ने मुंडन संस्कार में बशकोआ के बाबा बालकनाथ, भाड़का की माता खटासनी, बटाहर से पीऊली नाग को भी निमंत्रण दिया है। गौरमतलब है कि आदि ब्रम्हा 2007 में चामुंडानगर के बाद आज 17 वर्षों बाद अपने मंदिर बढ़ेहीरा ग्रां से यहां पधारे हैं। लोक मान्यताओं व देववाणी के अनुसार 80 वर्षों बाद आज बटाहर मनाली आने के संयोग बने हैं। कारदार सुंदर सिंह, गुर धर्म चंद, पुजारी आलम चंद व कठियाला तुले राम ने इस देव यात्रा का विवरण देते हुए बताया कि आदि ब्रम्हा जी मंडी धर्मेहड़ से उनके पूर्वज रिमटू- झिमटू के साथ तारापुर कोठी के बढ़ेहिरा ग्रां में अपना मूल स्थान जमाए है परिवार के विभाजन के कारण दीनू राही के दादा मनाली आकार बसे थे पापा की मन्नत के चलते दीनू राही ने अपने पोते के मुंडन संस्कार के उपलक्ष्य में अपने कुल्ज देवता आदि ब्रम्हा (शैला पलोता) को इस आयोजन में शरीक होने के लिए निमंत्रण भेजा है। इसलिए आदि ब्रम्हा ने अपनी इस देवयात्रा का शुभारंभ अपने मूल स्थान से सुबह 8 बजे शुरू किया सबसे पहले कतरूसी नारायण( श्री कृष्ण) के रोपड़ी स्थित मंदिर में देवखेल कर के आगे दड़का से होते हुए सुम्मा- बढ़ाई से गोहरी देवता ढालपुर मंदिर कुल्लू से लगभग 40 किलोमीटर पैदल यात्रा कर के कटराई बशकोला से बाबा बालकनाथ के मूल स्थान से कारदार भगवंत सिंह गुर राकेश कुमार, पुजारी सतीश कुमार, कठियाला भगत राम व कारीकुनों व हरियाणों सहित सभी देऊओं के साथ बटाहर राही परिवार के निवास स्थान पर देर रात 10 बजे पहुंचे। इस पगयात्रा के दौरान शलधारी इंद्र सिंह, कांता देवी सुम्मा, बागन निवासी जेऊ ने बढ़ाई में , कुल्लू में अजय बढ़ेहीरा ग्रां निवासी और निमी देवी कुल्लू, व पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सेस राम चौधरी शिशामाटी सहित बशकोला कटराई में देवलुओं के लिए जलपान और खानपान की योथिचित व्यवस्था की थी। आज हिंदू रीति रिवाजों के अनुसार मुंडन संस्कार की परंपरा का निर्वहन करने के बाद मुंडन संस्कार में आमंत्रित सभी देवी देवताओं का मिलन हुआ जो निसंदेह अविस्मरणीय और ऐतिहासिक रहा। देववाणी में देवता ने समस्त जगत के कल्याण की बात कही और पुरानी संस्कृति को संजोए रखने के पर बल दिया। आज शाम सभी देवी- देवता व साथ आए श्रद्धालु घर वापसी करेंगे।