इरशाद हिंदुस्तानी/बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सबसे बड़े सरकारी कॉलेज में सीट अलॉटमेंट को लेकर बड़ी धांधली सामने आई है.जेएच स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सीट अलॉटमेंट में गड़बड़ी हो रही है.आरोप है कि कम अंकों वाले छात्रों का एडमिशन किया जा रहा है, जबकि अधिक अंक वाले छात्रों को अपात्र बताकर प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है. इस मुद्दे ने बड़ा बवाल मचा दिया है. प्रशासन ,पुलिस और पुलिस के साइबर सेल ने इसकी जांच शुरू कर दी है.
गौरतलब है कि यह कॉलेज पूरे जिले का लीडिंग और सबसे बड़ा सरकारी कॉलेज है. जिसमें आठ हजार से ज्यादा विद्यार्थियों की क्षमता है. इस साल यहां 532 स्नातक (यूजी ) और 191 स्नातकोत्तर (पीजी ) की सीट्स पर एडमिशन होना है. जिसके लिए सीएलसी राउंड के तहत ऑफलाइन एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है. इस प्रक्रिया में लगातार धांधली की शिकायतें मिल रही है. जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर ने तहसीलदार प्रभात मिश्रा को जांच सौंपी है.
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इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के छात्र संगठन भी अपनी-अपनी बात रख रहे हैं. आरोप है कि सारी गड़बड़ी कॉलेज के आईटी सेल की तरफ से हो रही है. चहेतों को कम नंबर के बावजूद सीट अलॉट करने के लिए यह सब किया जा रहा है. जिसके कारण आदिवासी क्षेत्रों से आने वाले होनहार छात्रों का हक मारा जा रहा है.
बताया जा रहा है कि पहले छात्र से एडमिशन के लिए फार्म तो भरवाया जाता है. काउंसलिंग प्रक्रिया में उसका नाम सूची में भी आ जाता है, लेकिन जब वह फीस जमा करने किसी कैफे पर जाता है तो वहां सूची में उसका नाम गायब मिलता है. इसी तरह अब तक कई कम अंक वाले छात्रों को सीट अलॉट की जा चुकी है. जिसके कारण अधिक नंबर वाले छात्र नॉट अलाटेड श्रेणी में हैं.
तहसीलदार मिश्रा ने बताया कि कॉलेज के आईटी सेल की जांच की जा रही है. साइबर सेल पूरे मामले की जांच कर रहा है.छात्रों और कर्मचारियों के बयान लिए गए हैं. एक-दो दिन में वह जांच की रिपोर्ट कलेक्टर को सौपेंगे.
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