सबकी खबर , पैनी नज़र

LIVE TV

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

March 31, 2026 12:57 pm

भाजपा ने 1500 रुपये रुकवाकर महिलाओं को किया अपमानित : कांग्रेस

महिला शक्ति विरोधी है विपक्षी दल, वोट लेने से ज्यादा कुछ नहीं किया

जून में तीन महीने की राशि एक साथ देने का मुख्यमंत्री का बयान स्वागत योग्य

शिमला। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और विधानसभा में डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया ने कहा है कि भाजपा ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि के 1500 रुपये रुकवाकर महिलाओं को अपमानित किया है। भाजपा महिला हितैषी होने का सिर्फ ढोंग रचती है, विपक्षी दल पूरी तरह से महिला शक्ति का विरोधी है। भाजपा चुनावों में वोट लेने के अलावा महिलाओं के लिए कुछ नहीं करती।

नेगी व पठानिया ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग के जरिये महिलाओं को 1500 रुपये देने पर जो रोक लगवाई है, अगर वह नहीं हटती है तो जून में सरकार तीन महीने की राशि एक साथ पात्र महिलाओं को देगी। मुख्यमंत्री सुक्खू का बीते दिनों नादौन विधानसभा क्षेत्र के गलोड़ में दिया गया यह बयान स्वागत योग्य है। भाजपा 1500 रुपये का जितना मर्जी विरोध कर ले, यह राशि अप्रैल 2024 से महिलाओं को मिलकर रहेगी। लाहौल व स्पीति जिला की महिलाओं के खाते में योजना की पहली मासिक किश्त पहुंच चुकी है। प्रदेश के अन्य जिलों की महिलाओं को भी पहली अप्रैल 2024 से इस योजना का लाभ मिलना था। सरकार ने कैबिनेट बैठक में योजना को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए 800 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया है। योजना को पहली अप्रैल से लागू करने की अधिसूचना तक जारी हो चुकी है। बावजूद इसके भाजपा ने चुनाव आयोग पहुंचकर योजना पर रोक लगवाई। 

नेगी व पठानिया ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जयराम ठाकुर पहले रोजाना यह कहते थे कि महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी कांग्रेस सरकार पूरी नहीं कर रही, लेकिन सरकार ने जब यह राशि देने के लिए चुनाव आचार संहिता से पहले फार्म भरवाना शुरू किए तो चुनाव की घोषणा होते ही जयराम योजना पर रोक लगवाने के लिए चुनाव आयोग पहुंच गए। जिससे भाजपा व जयराम ठाकुर का दोगला चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो चुका है। 

उन्होंने कहा कि महिला शक्ति चुनावों में भाजपा को कड़ा सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना महिलाओं के जीवन मे बड़ा परिवर्तन लाएगी। उन्हें 18000 रुपये सालाना मिलेंगे, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।