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March 21, 2026 1:28 am

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पेश किया अपना दूसरा बजट

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पेश किया अपना दूसरा बजट,
58444 करोड़ रुपए के इस करमुक्त बजट में राज्य का 4514 करोड़ रुपए राजस्व घाटा रहेगा।
बजट पेश करने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में बजट के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश का वित्त वर्ष 2024-25 का 58444 करोड़ रुपए का आम बजट पेश किया। 4514 करोड़ रुपए के अनुमानित राजस्व घाटे वाले इस बजट में किसी नए कर का प्रावधान नहीं है। बजट में सात नई स्कीमों और तीन नई नीतियों की घोषणा की गई है। बजट में दूध को भी एमएसपी के दायरे में लाया गया है और हिमाचल ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। आज पेश बजट पर लोकसभा चुनाव की छाया स्पष्ट नजर आ रही है। इसमें खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, बागवानों, महिलाओं, युवाओं कर्मचारियों और पिछड़े वर्गों को लुभाने के साथ ही उनके सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्राकृतिक खेती के तहत रोजगार के अवसर सृजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक रूप से उगाए गेहूं के लिए 40 रुपए और मक्की के लिए 30 रुपए प्रति किलो एमएसपी की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने, गाय के दूध के खरीद मूल्य में प्रति लीटर 7 रुपए वृद्धि कर 45 रुपए प्रति लीटर तथा भैंस के दूध में 17 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर 55 रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने निजी गौ सदनों में आश्रित गोवंश के लिए दिए जाने वाले अनुदान को 700 रुपए से बढ़ाकर 1200 रुपए करने, वर्ष 2024 के सेब सीजन से यूनिवर्सल कार्टन का प्रयोग आरंभ करने, बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए स्टेट लेवल टास्क फोर्स गठित करने, हमीरपुर में कार्प फिश फार्म स्थापित करने और 150 नई ट्राउट मछली उत्पादन इकाइयां व हैचरी स्थापित करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और उसे हरित बनाने के लिए मुख्यमंत्री हरित विकास छात्रवृत्ति योजना आरंभ करने तथा राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत 10 हजार ई-टैक्सी परमिट देने की घोषणा की। उन्होंने राज्य में स्थित सभी होम स्टे यूनिट को राज्य पर्यटन विकास और पंजीकरण कानून के तहत लाने की भी घोषणा की। उन्होंने हमीरपुर मेडिकल कालेज में स्टेट कैंसर संस्थान स्थापित करने, स्टेट लेवल स्क्रब टाइफस यूनिट स्थापित करने, अपना विद्यालय-मेरा विद्यालय-मेरा सम्मान योजना आरंभ करने, पढ़ो हिमाचल के नाम से व्यापक जन अभियान चलाने, 8.50 लाख स्कूली बच्चों को पानी की बोतल निशुल्क प्रदान करने और औद्योगिक प्रोत्साहन व निवेश नीति 2024 तथा स्टार्टअप नीति 2024 आरंभ करने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त हिमाचल की दिशा में कदम उठाते हुए कंडाघाट में आदर्श नशा निवारण केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने ओलंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक प्रदान करने पर पुरस्कार राशि बढ़ाकर 5 करोड़, रजत पदक के लिए तीन करोड़ रुपए और कांस्य पदक के लिए 2 करोड़ रुपए, एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर पुरस्कार राशि बढ़ाकर 4 करोड़, रजत पदक के लिए 2.50 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने पर 1.50 करोड़ रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर पुरस्कार राशि बढ़ाकर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ और कांस्य पदक के लिए एक करोड़ रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाकर 250 रुपए और अन्य सभी खिलाड़ियों के लिए डाइट मनी 400 रुपए करने तथा प्रदेश से बाहर होने वाले खेलों में भाग लेने पर समान रूप से 500 रुपए करने का भी ऐलान किया। उन्होंने दो सौ किलोमीटर से अधिक दूरी पर खेल आयोजनों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को हवाई जहाज से यात्रा का भी ऐलान किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना और महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना और दिव्यांगजनों की उच्च शिक्षा के लिए कंडाघाट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एजुकेशन ऑफ दिव्यांग शुरू करने का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और पेंशनरों को पहली अप्रैल से चार फीसदी महंगाई भत्ता देने, कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन तथा पेंशन से संबंधित एरियर, लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का एक मार्च से चरणबद्ध ढंग से भुगतान करने, एक अप्रैल के बाद कर्मचारियों को अपने सेवाकाल में कम से कम दो बार एलटीसी की सुविधा देने, दिहाड़ीदारों की दिहाड़ी में 25 रुपए की बढ़ोतरी कर इसे 400 रुपए करने, आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम 12 हजार रुपए वेतन देने, पंचायत वेटनरी सहायकों का वेतन बढ़ाकर 7500 रुपए करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सिलाई अध्यापिकाओं, मिड डे मील वर्करों, राजस्व लंबरदार, एसपीओ के मानदेय में 500 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 400, आंगनबाड़ी सहायिका, जल रक्षक, पैरा फिटर और पंप आपरेटरों, राजस्व चौकीदारों और आशा वर्कर के मानदेय में 300 रुपए, जल शक्ति विभाग मल्टीपर्पज वर्कर के मानदेय में 600 रुपए, पंचायत चौकीदार के मानदेय में दो हजार, एसएमसी अध्पायकों और आईटी शिक्षकों के मानदेय में 1900 रुपए की बढ़ोतरी करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज और शहरी निकायों के जन प्रतिनिधियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके तहत उन्होंने जिला परिषद अध्यक्ष के मानदेय में 4 हजार, उपाध्यक्ष के मानदेय में 3 हजार और जिला परिषद सदस्य के मानदेय में 1300 रुपए, बीडीसी अध्यक्ष के मानदेय में 1900, उपाध्यक्ष के मानदेय में 1400 और सदस्य के मानदेय में 1200 रुपए, पंचायत प्रधान के मानदेय में 1200, उप प्रधान के मानदेय में 800 और वार्ड सदस्य को प्रति बैठक मिलने वाले मानदेय में 250 रुपए की वृद्धि करने की घोषणा की। उन्होंने नगर निगम महापौर के मानदेय में 4 हजार, उप महापौर के मानदेय में 3 हजार और पार्षद के मानदेय में 1400 रुपए, नगर परिषद अध्यक्ष के मानदेय में 1700 रुपए, उपाध्यक्ष के मानदेय में 1400, पार्षद नगर परिषद के मानदेय में 700 रुपए, नगर पंचायत के प्रधान के मानदेय में 1400 रुपए, उप प्रधान के मानदेय में 1100 और सदस्य के मानदेय में 700 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की डाइट मनी भी 220 रुपए से बढ़ाकर एक हजार रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने विधायक प्राथमिकताओं के वित्तीय पोषण की वर्तमान सीमा को 175 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 195 करोड़ रुपए करने, विधायक ऐच्छिक निधि को 13 लाख रुपए से बढ़ाकर 14 लाख रुपए करने, विधायक क्षेत्र विकास निधि को दो करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2.20 करोड़ रुपए करने और जो कार्य पूरा होने वाले हैं, उन्हें पूरा करने के लिए एक हजार करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान करने की भी घोषणा की।