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May 29, 2026 8:52 pm

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सीएसआईआर-आईएचबीटी हिमालयी अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला संस्थान : सुरेश कश्यप

वैज्ञानिक अनुसंधान, स्टार्टअप और जैविक उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर हिमाचल का मार्ग प्रशस्त कर रहा आईएचबीटी

डॉ. जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में विज्ञान और नवाचार को मिल रही नई गति : सुरेश कश्यप

शिमला, 29 मई 2026
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह के पालमपुर स्थित सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा सीएसआईआर-आईएचबीटी की वैज्ञानिक उपलब्धियों, अनुसंधान कार्यों, स्टार्टअप्स और स्वदेशी उत्पाद विकास की सराहना यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार हिमालयी राज्यों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विज्ञान और नवाचार आधारित विकास को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।सीएसआईआर-आईएचबीटी जैसे संस्थान इस परिवर्तन के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं, जो स्थानीय संसाधनों को वैश्विक अवसरों में बदलने का कार्य कर रहे हैं।
सुरेश कश्यप ने कहा कि आईएचबीटी द्वारा अरोमा मिशन, फ्लोरीकल्चर, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी और कृषि आधारित अनुसंधान के माध्यम से किसानों, बागवानों और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से 12 प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों को हिमाचल प्रदेश तथा देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे अनुसंधान प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों का लाभ सीधे उद्योगों, किसानों और आम नागरिकों तक पहुंचेगा। यह “लैब टू लैंड” और “लैब टू मार्केट” की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अपार प्राकृतिक और जैविक संसाधन उपलब्ध हैं तथा वैज्ञानिक संस्थानों और उद्योगों के बीच बढ़ता सहयोग राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि आईएचबीटी द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्य आने वाले समय में हिमालयी अर्थव्यवस्था के सशक्त आधार स्तंभ सिद्ध होंगे।उन्होंने डॉ. जितेंद्र सिंह, सीएसआईआर और आईएचबीटी के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से हिमाचल प्रदेश विज्ञान, अनुसंधान, जैविक कृषि, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
सुरेश कश्यप ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आईएचबीटी हिमालयी क्षेत्र के किसानों, युवाओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों के लिए अवसरों का एक बड़ा केंद्र बनेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।