Ajmer : राजस्थान रीट परीक्षा (REET Exam) को लेकर राजनीति पूरी तरह से गरमाई हुई है. वहीं, रीट समन्वयक बोर्ड के अध्यक्ष भी राजनीतिक बयान देने में पीछे नहीं हटे. उन्होंने सांसद किरोड़ी लाल मीणा और बीजेपी पर करारे हमले किए और सांसद मीणा को खुली चुनौती दे दी. उन्होंने कहा कि अगर प्रश्न पत्र और परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो वह माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मिलने वाले सभी लाभ और पेंशन को त्याग देंगे और अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर राज्यसभा के सांसद किरोड़ी लाल मीणा अपने पद से इस्तीफा दें.
डीपी जारोली (DP Jaroli) ने आज प्रेस वार्ता का आयोजन किया. उन्होंने कहा कि रीट परीक्षा को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है. जबकि परीक्षा किसी भी पार्टी से नहीं, प्रदेश के शिक्षकों से जुड़ी है. ऐसे में इसे राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए. उन्होंने माना कि कुछ स्थानों पर गड़बड़ी हुई, लेकिन पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई भी की. सवाई माधोपुर में प्रश्न पत्र चार लोगों के पास मिला, लेकिन इससे आगे नहीं बढ़ पाया. इस मामले में चारों को गिरफ्तार कर लिया गया और एसओजी और बोर्ड की ओर से लगातार कार्रवाई और जांच की जा रही है, लेकिन यह परीक्षा प्रदेश में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सवा करोड़ लोगों से जुड़ी है. ऐसे में इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
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उन्होंने भाजपा और किरोड़ी लाल मीणा (MP Kirori Lal Meena) के द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए तथ्य पर बात करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि भाजपा बोर्ड पर सवाल खड़े कर सभी कर्मचारियों की मेहनत पर सवाल खड़े कर रही है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अध्यक्ष डीपी जारोली ने कहा कि अगर परीक्षा में किसी भी तरह की पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियां सामने आती है तो वह पूर्व से मिलने वाली पेंशन और सभी लाभ त्याग देंगे, लेकिन इस पर सवाल खड़े करने वाले भी अपने पद से इस्तीफा दें. उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा का दिल्ली प्रेम नजर आ रहा है और वह मंत्री बनने के लिए गलत बयान बाजी कर रहे हैं. ऐसा नहीं किया जाना चाहिए. यह मामला बच्चों के भविष्य से जुड़ा है.
उन्होंने साफ किया कि अजमेर में बनी प्रश्न पत्र सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और किसी तरह की बुकलेट में गड़बड़ी नहीं हुई है जिन स्थानों पर गड़बड़ी दिखी वहां तुरंत कार्रवाई की गई है. ऐसे में सवाल खड़ा करने से पहले सभी को बोर्ड की विश्वसनीयता की जानकारी होनी चाहिए. वहीं, परीक्षा के तुरंत बाद सभी परीक्षाा पत्रों को सुरक्षित रखा गया है.










