
शिमला, 24 जून, 2026, पेयजल परियोजनाओं के लिए 1 करोड़ जारी करने की घोषणा
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज परिधि गृह रोहड़ू में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में चल रही विभिन्न पेयजल, सिंचाई एवं सीवरेज परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर पेयजल, सिंचाई तथा सीवरेज सुविधाएं पहुंचाना है। इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राज्य मद के अंतर्गत रोहड़ू मंडल में प्रगति पर चल रही 43 पेयजल योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर एवं नियमित पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने तत्काल 1 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।रोहड़ू शहर की एसटीपी परियोजना पर भी विस्तार से हुई चर्चा
बैठक के दौरान रोहड़ू शहर की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रोहड़ू एसटीपी के संवर्धन के लिए लगभग 41 करोड़ रुपये का परियोजना प्राक्कलन तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि रोहड़ू शहर के लिए एक सुदृढ़ एवं आधुनिक सीवरेज व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही कर बजट का प्रावधान किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हो सके।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत रोहड़ू मंडल में स्वीकृत 56 में से 50 परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं, जबकि 6 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं पर लगभग 142 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष परियोजनाओं को भी शीघ्र पूरा कर प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अवगत करवाया कि कुल 11 परियोजनाओं में से 9 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 2 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।इस दौरान रोहड़ू जल शक्ति मंडल में बढ़ते कार्यभार को देखते हुए 3 एसडीओ तथा 7 कनिष्ठ अभियंताओं के पदों की आवश्यकता का विषय भी उपमुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इन पदों को भरने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा नमामि गंगे योजना के अंतर्गत रोहड़ू, चिड़गांव एवं हाटकोटी के लिए 41 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना का प्राक्कलन प्रस्तुत किया गया है। इसके अतिरिक्त रोहड़ू एसटीपी के उन्नयन तथा रोहड़ू जलापूर्ति योजना के संवर्धन के लिए 65 करोड़ 70 लाख रुपये तथा चिड़गांव में जलापूर्ति एवं सीवरेज प्रणाली के संवर्धन हेतु 51 करोड़ 02 लाख रुपये की परियोजनाओं के प्राक्कलन भी विभाग द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं।
उन्होंने इन सभी परियोजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।बैठक में विधायक रोहड़ू मोहन लाल ब्राक्टा, हिमफैड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा, डीएसपी रोहड़ू प्रणव चौहान तथा जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










