सबकी खबर , पैनी नज़र

June 24, 2026 5:36 pm

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भगवंत मान पर लगे गंभीर आरोपों के बाद तत्काल इस्तीफा दें : गुरमीत सिंह

फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट, ₹10 लाख की कथित रिश्वत और गुरुओं के अपमान को छिपाने की साजिश का सच सामने आए

ऊना, 24 जून। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर लगे गंभीर आरोपों को लोकतंत्र, धार्मिक आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक बताते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस मामले को आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार फर्जी वीडियो बताकर दबाने का प्रयास कर रही थी, उसमें अब लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे पूरी साजिश पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गुरमीत सिंह ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सामने आए दस्तावेजों और तथ्यों के अनुसार 18 जून 2026 को पंजाब सरकार द्वारा एक फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश कर यह दावा किया गया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ा वायरल वीडियो फर्जी और एआई जनित है। लेकिन रिपोर्ट जारी होने के तुरंत बाद उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे क्योंकि रिपोर्ट में फॉरेंसिक लैब का स्पष्ट विवरण तक नहीं था। इसके बाद विपक्षी दलों और सिख संगठनों ने रिपोर्ट की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि अब जो जानकारियां सामने आई हैं, वे और भी अधिक चौंकाने वाली हैं। आरोप हैं कि पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और कुछ कथित फॉरेंसिक विशेषज्ञों के बीच गुरुग्राम में बैठकें हुईं, फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के लिए दबाव बनाया गया और इसके लिए लाखों रुपये के लेन-देन तक किए गए। इतना ही नहीं, यह भी दावा किया जा रहा है कि संबंधित व्यक्तियों ने कैमरे पर स्वीकार किया है कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए उन्हें भुगतान किया गया था। यदि यह सत्य है तो यह केवल एक फर्जी रिपोर्ट का मामला नहीं बल्कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े अत्यंत संवेदनशील विषय पर सच को दबाने की सुनियोजित साजिश है।

गुरमीत सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने इस रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले को एआई जनित बताकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन अब सामने आ रहे तथ्यों ने पंजाब सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यदि हरियाणा पुलिस अथवा अन्य जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध बताए जा रहे साक्ष्य और कथित स्वीकारोक्ति सार्वजनिक होती है तो पंजाब सरकार का पूरा बचाव पक्ष धराशायी हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं के सम्मान और पंथ की गरिमा से जुड़े विषय पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण या लीपापोती स्वीकार नहीं की जा सकती। भाजपा मांग करती है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा यदि आरोपों में सत्यता पाई जाती है तो मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिक आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।

गुरमीत सिंह ने कहा कि पंजाब की जनता, सिख समाज और देश के लोकतांत्रिक संस्थानों को यह जानने का अधिकार है कि आखिर फॉरेंसिक रिपोर्ट किसने तैयार की, किसके निर्देश पर तैयार की गई और उसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही। सच को छिपाने का हर प्रयास अंततः असफल होगा और दोषियों को कानून के अनुसार जवाब देना होगा।