लीगल ओपेनियन, लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद भी रोका रिज़ल्ट : जयराम ठाकुर
जांच के नाम पर रिज़ल्ट अटका कर युवाओं को भटकने पर मज़बूर कर रही है सुक्खू सरकार
शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा चलाई जा रही भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाकर सरकार सिर्फ़ प्रदेश के युवाओं को परेशान कर रही है। युवाओं को रोज़गार देना इस सरकार की नीयत ही नहीं है। लीगल ओपेनियन से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक से रिज़ल्ट जारी करने को लेकर हरी झंडी है, इसके बाद भी सरकार रिज़ल्ट जारी करने के बजाय न जारी करने के बहाने खोज रही है। सरकार जिस विजलेंस जाँच का हवाला दे रही है, उस जाँच के ज़्यादातर आरोपी आज जमानत पर बाहर हैं। एक साल से भी ज़्यादा समय से चल रही जाँच में अभी तक सरकार किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है और हिमाचल सरकार के महाधिवक्ता भर्ती प्रकिया को रद्द करने की माँग न्यायालय के समक्ष उठा चुके हैं। उनकी दलील में कोई दम न होने की वजह से कोर्ट सरकार की इस मांग को ख़ारिज कर चुकी है। नेता प्रतिपक्ष इसके बाद प्रदर्शनरत आउटसोर्स कर्मियों से भी मिलकर उनकी बातें सुनी। जयराम ठाकुर चौड़ा मैदान में परीक्षा परिणामों को जारी करने की मांग करते हुए क्रमिक अनशन पर धरने पर बैठे विभिन्न पोस्ट कोड के अभ्यर्थियों से मिले और उनकी बातें सुनी। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें परेशान कर रही है। भर्ती प्रक्रिया बिना किसी कारण के रोकी गई है। सदन में विपक्ष ने इस मामले में सरकार का जमकर घेराव किया और जब तक सरकार लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी नहीं करती, बीजेपी सड़क से सदन तक सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष करती रहेगी जयराम ठाकुर ने कहा कि गारंटियों के बाद युवाओं से इस तरह का धोखा देना बहुत शर्मनाक है। आज यह सरकार अपना भरोसा खो चुकी है। यह भरोसा हासिल करना सरकार के लिए आसान काम नहीं होगा। उन्होंने सरकार से आग्रह करते हुए कि वह अपनी जनविरोधी सोच के साथ काम करना बंद करे और तालाबंदी के काम छोड़ कर विकास के काम करना शुरू करे।






