जेपी अस्पताल सोलन के सहयोग से सोलन क्षेत्र में आईवीएफ ओपीडी 25 मई, 2024 से शुरू
सोलन, 19, मई, 2024: बच्चों और शिशु की देखभाल में उत्कृष्टता का प्रतीक, मदरहुड चैतन्य हॉस्पिटल मेडिकल विशेषज्ञता और मरीजों की देखभाल में नए मानक स्थापित कर रहा है। यहाँ डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम के साथ अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह हॉस्पिटल सोलन क्षेत्र में पीडियाट्रिक इमर्जेंसी मामलों में सफलतापूर्वक इलाज करके चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व हरियाणा के आसपास के शहरों में एक विश्वसनीय हॉस्पिटल बन गया है।इस हॉस्पिटल में गंभीर मामलों को जिस तरह से संभाला जाता है, उससे उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। डॉ. विमलेश सोनी, सलाहकार, बाल रोग विशेषज्ञएवं नियोनैटोलॉजिस्ट ने बताया, “इस शिशु का जन्म का जन्म सामान्य डिलीवरी द्वारा 29 सप्ताह की गर्भावस्था में हुआ था। इसका वजन 1.2 किलोग्राम था और यह गंभीर भ्रूण संक्रमण, कई अंगों के फेल होने और साँस की समस्या के कारण काफी परेशानी में था। हमारे एनआईसीयू ऑन व्हील्स (एक मोबाइल नियो नैटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू), जो लंबी दूरी तक ले जाए जाने के दौरान नवजात शिशुओं को क्रिटिकल केयर प्रदान करती है) में शिशु को सोलन से चंडीगढ़ तक 70 किलोमीटर एम्बुलेंस के सफर में बहुत सावधानी से केयर प्रदान की गई। गहन निगरानी और इलाज के बाद इस शिशु को 2 महीने के बाद स्वस्थ हालत में एनआईसीयू से छुट्टी दे दी गई। भारत में मल्टिपल ऑर्गन फेल्योर के साथ जन्म लेने वाले 10 नवजात शिशुओं में से कम से कम 4 से 5 का सफलतापूर्वक इलाज पूरा कर लिया जाता है। डॉ. विमलेश ने कहा, ‘‘चंडीगढ़ में एनआईसीयू ऑन व्हील्स के पहुँचने के बाद, हमने नवजात शिशु को वैंटिलेटर पर रखा क्योंकि उसकी हालत गंभीर थी, और उसके रक्तचाप में बहुत तेजी से परिवर्तन हो रहा था। लंबे समय तक उसकी हालत अस्थिर रही और उसे रक्तचाप नियंत्रित रखने के लिए कई दवाईयाँ देनी पड़ीं। उसके प्लेटेलेट्स की संख्या कम थी और उसे काफी खून निकल रहा था। इसलिए इस शिशु को खून भी चढ़ाना पड़ा। इस शिशु को डाईलेटेड कार्डियोमायोपैथी (डीसीएम) भी थी, जिसमें हृदय की माँसपेशियाँ पतली हो जाती हैं, बाईं वेंट्रिकल (हृदय का बायाँ चैंबर फैल (बड़ा हो) जाता है, और हृदय प्रभावी तरीके से खून को पंप नहीं कर पाता, जिससे शरीर में पंप होने वाले खून की मात्रा कम हो जाती है, और साँस की गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।’’
मदरहुड चैतन्य हॉस्पिटल ने पीडियाट्रिक केयर में नए मानक स्थापित किए हैं, और परिवारों को बेहतरीन इलाज द्वारा आशा प्रदान की है। यहाँ समर्पित टीत और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ यह हॉस्पिटल सर्वश्रेष्ठ चाईल्ड केयर प्रदान करता है। उनका इनोवेटिव और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण बच्चों की विभिन्न समस्याओं के लिए क्रिटिकल सर्जरी और नियोनैटल केयर के साथ प्रभावी समाधान और सकारात्मक परिणाम प्रदान करता है। साथ ही इस हॉस्पिटल में विशेषज्ञ केयर और मल्टीडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण पर बल देते हुए शिशु और माता-पिता को महत्वपूर्ण सपोर्ट प्रदान की जाती है, जिससे प्रदर्शित होता है कि यह हॉस्पिटल उत्कृष्टता का केंद्र है।हम जल्द ही जेपी अस्पताल के सहयोग से सोलन क्षेत्र में आईवीएफ ओपीडी शुरू करेंगे। हमारी प्रमुख सलाहकार प्रजनन चिकित्सा और प्रजनन विशेषज्ञ डॉ. परमिंदर कौर 25 मई, 2024 से शुरू होने वाले आईवीएफ कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगी।






