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February 20, 2026 12:17 pm

राजधानी शिमला में अधिकांश सरकारी कार्यालयों को शहर से सटे क्षत्रों से स्थानांतरित किया जाएगा।इसके लिए शीघ्र संभावनाएं तलाशी जाएंगी: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर

शिमला (हिमदेव न्यूज़) 12 अगस्त 2022
राजधानी शिमला में अधिकांश
सरकारी कार्यालयों को शहर से सटे
क्षत्रों से स्थानांतरित किया जाएगा। इसके
लिए शीघ्र संभावनाएं तलाशी जाएंगी
क्योंकि शहर में जनसंख्या के बढ़ते
बोझ की वजह से यातायात जाम व
अन्य परेशानियां खड़ी हो रही हैं। इसके
अलावा सरकारी दफ्तर बनने से शहर के
आसपास वाले क्षेत्र भी विकसित होंगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह
बात कही। विधायक संजय अवस्थी के अनुपूरक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला में लगातार जनसंख्या का दवाब है, यातायात की काफी ज्यादा समस्या हो चुकी है। स्मार्ट सिटी में सरकार ने कुछ प्रयास जरूर किया है जिसमें सडकों को चौड़ा किया गया, परंतु इससे भी पूरा समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि यहां से कुछ सरकारी कार्यालयों को आसपास के लगते एरिया में शिफट किया जाए। वहां पर यातायात की सुविधाएं भी होंगी और साथ लगता एरिया भी विकसित हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार इस पर
गंभीरता से विचार करेगी। देखा जाएगा
कि कौन सा कार्यालय यहां से बदला जाए
क्योंकि कार्यालय बदलने को लेकर भी
कई तरह की दिक्कतें रहती है। देखना
होगा कि किस कार्यालय को बदला जा
सकता है। इससे पहले स्कूल शिक्षा बोर्ड
को भी यहां से बदलकर धर्मशाला भेजा
गया। वहीं हमीरपुर में भी कुछ कार्यालय
चल रहे हैं। सरकार जल्द इस मुददे पर
विचार करेगी।
इससे पहले अर्की के विधायक संजय
अवस्थी ने सदन में यह सवाल उठाया
कि पर्यटन नगरी शिमला को पर्यटन नगरी
रहने दिया जाए। यहां पर हर चीज पर
लगातार दवाब बढ रहा है। रोजाना यहां
घंटों जाम लगता है। क्योंकि सभी सरकारी
कार्यालय शिमला में मौजूद हैं। लिहाजा
लोग अपना काम करवाने के लिए आते
हैं। इतना ही नहीं लाखों की संख्या में
पर्यटक यहां पर आते हैं जिस कारण यहां
पर कंजेशन बढ रहा है। हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा 125 यूनिट बिजली के मुफत देने के फैंसले के बाद राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को अब बिजली का बिल 125 यूनिट इस्तेमाल पर बिल नहीं देना पड़ेगा। यह वह उपभोक्ता है
जिनकी बिजली की खप्त हर महीने 125
यूनिट से कम है और इन्हें अब सरकार
की और से शून्य बिल आ रहा है।
उर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने विधानसभा में विधायक रमेश ध्वाला के लिखित उतर में बताया कि प्रदेश में इस समय 22,59,645 घरेलू उपभोक्ता है,
जबकि 7,97,515 उपभोक्ता ऐसे हैं जो
हर महीने 125 यूनिट से अधिक बिजली
खर्च करते हैं।
मुफत बिजली की सुविधा का
लाभ उठाने वाले सर्वाधिक 280498
उपभोक्ता कांगड़ा जिला में है,जबकि
मंडी जिला में मुफत बिजली की सुविधा
ले रहे घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या
240618, शिमला में 239625, सोलन
में 121360, कुल्लू में 121244, हमीरपुर
में 114262, चंबा में 101793, सिरमौर
में 82991, उना में 68245, बिलासपुर
में 60497, किन्नौर में 22662, लाहौल-
स्पीति में 8335 उपभोक्ता हैं।
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन सालों
में बादल फटने की घटनाओं से 19 लोगों
की मौत हुई है। इस दौरान सबसे ज्यादा
मौतें लाहौल-स्पीति और कुल्लूजिले में
हुई हैं। राज्य के 6 जिलों में बादल फटने
की घटनाओं ने अपना कहर बरपाया और
इसकी जद में मकान, जानवर तक आए
हैं। राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को
विधानसभा में ज्वालामुखी के विधायक
रमेश चंद ध्वाला के सवाल के लिखित
उत्तर में यह जानकारी दी। 12 साल बाद अनुबंध पर आएंगे जल रक्षक
जलशक्त मंत्री महेंद्र सिंह ने विधायक
पवन काजल के सवाल के जवाब में
जानकारी दी कि 12 साल का कार्यकाल
पूरा करने वाले जल रक्षक अनुबंध पर
लाए जाएंगे। उन्होंने बताया गया कि भर्ती
एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार 12 साल
का कार्यकाल पूरा करने के बाद जल
रक्षकों को अनुबंध के आधार पर जल
शक्ति विभाग में पंप परिचारक के रिक्त
पदों पर पदारोहित किया है।
प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को सरकारी
वाहनों की खरीद का मामला जोर-शोर से
गूंजा। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष
मुकेश अग्निहोत्री ने इस संबंध में सवाल
पूछा था और इसकी जानकारी न मिलने
पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे
कुछ देर के लिए सदन का माहौल गरमा
गया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने
इस दौरान सरकार पर सूचना छिपाने
का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि
आरटीआई से पहले जानकारी मिल रही
है और सदन में जानकारी नहीं मिल रही।
इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंच
रही है। उन्होंने अध्यक्ष से इस मामले में
सरकार को फटकार लगाने की मांग की।
इस दौरान सदन में दोनों पक्षों
में तकरार देखने को मिली। मुकेश
अग्निहोत्री के अनुपूरक सवाल के जवाब
में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि
सूचना विस्तृत थी। इसलिए जानकारी
इकट्ठी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा
कि गाड़ी सरकारी उपयोग के लिए खरीदी
जाती है। सरकार ने पुलिस, स्वास्थ्य,
लोक निर्माण विभाग और अग्निशमन को
गाड़ियां दी है। इसमें सूचना छिपाने का
कोई मतलब नहीं बनता।