भोपालः मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में प्रत्याशियों के नामों पर मंथन चल रहा है. इस बीच खंडवा लोकसभा सीट पर कांग्रेस की तरफ से बड़ी खबर सामने आई है. खंडवा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने चुनाव लड़ने में असमर्थता जता दी है. उन्होंने ट्वीट कर खुद इस बात की जानकारी दी है. जिससे खंडवा सीट पर कांग्रेस में टिकट को लेकर पेंच फंसता नजर आ रहा है.
अरुण यादव ने ट्वीट किया
अरुण यादव ने देर रात ट्वीट कर लिखा कि ”आज कमलनाथ जी, मुकुल वासनिक जी से दिल्ली में व्यक्तिगत तौर पर मिलकर अपने पारिवारिक कारणों से खण्डवा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी प्रत्याशी न बनने को लेकर लिखित जानकारी दे दी है, अब पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी मैं उनके समर्थन में पूर्ण सहयोग करूंगा.”
इससे पहले अरुण यादव ने आज सुबह ट्वीट कर एक शायरी के जरिए विरोधियों पर निशाना साधा था. उन्होंने लिखा कि मेरे दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं शायद, वक़्त-बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं, मेरी गली से गुजरते हैं छुपा के खंजर, रुबरू होने पर सलाम किया करते हैं. उनके इस ट्वीट के बाद ही सियासी कयासबाजी का दौर शुरू हो गया था. जबकि रात होते-होते अरुण यादव ने उपचुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है.
अरुण यादव ने प्रचार भी कर दिया था शुरू, दिग्विजय सिंह ने दी थी बधाई
दरअसल, अरुण यादव के चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जाहिर करने के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में कई चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. क्योंकि अरुण यादव खंडवा सीट से कांग्रेस के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे थे. यहां तक कि उन्होंने प्रचार भी शुरू कर दिया था. इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने उन्हें ट्वीट कर शुभकानाएं भी दी थी. जिससे माना जा रहा है कि शायद कांग्रेस आलाकमान की तरफ से खंडवा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अरुण यादव का नाम तय कर लिया गया है. लेकिन अब उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने की बात कह दी है.
कमलनाथ ने कहा था जल्द होगा प्रत्याशियों का ऐलान
एक तरफ जहां अरुण यादव ने खंडवा सीट पर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ आज उपचुनाव को लेकर दिनभर कांग्रेस की बड़ी बैठक हुई थी. जिसमें प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ सहित कांग्रेस के बड़े नेताओं ने उपचुनाव में प्रत्याशियों के नामों पर मंथन किया था. बैठक के बाद कमलनाथ ने कहा था कि चारों सीटों पर हमारी स्थिति बहुत मजबूत है. जल्द ही प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया जाएगा. बैठक के बाद कमलनाथ दिल्ली रवाना हो गए थे.
कौन हैं अरुण यादव
अरुण यादव मध्य प्रदेश में कांग्रेस का बड़ा चेहरा माने जाते हैं. वह प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव के बेटे हैं. 14वीं लोकसभा में 2007-09 तक वह खरगोन लोकसभा सीट से सांसद रहे, परिसीमन के बाद 15वीं लोकसभा चुनाव में अरुण यादव ने खंडवा सीट से चुनाव जीता. 2009-2011 तक अरुण यादव यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे. 2014 में उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. 2018 के विधानसभा चुनाव में अरुण यादव ने बुधनी सीट पर सीएम शिवराज सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था. हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
सुरेंद्र सिंह शेरा भी कर रहे हैं दावेदारी
दरअसल, खंडवा लोकसभा उपचुनाव के लिए बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा भी अपनी पत्नी जयश्री के लिए कांग्रेस की तरफ से टिकट की मांग कर रहे हैं. शेरा अरुण यादव का खुलकर विरोध कर रहे थे.
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