*✴️कलियुगाब्द – 5128*
*✴️संवत – रौद्र*
*✴️संवत्सर राजा – गुरु*
*✴️संवत्सर मंत्री – मङ्गल*
*✴️दिनांक – 04 अक्टूबर 2026*
*✴️दिन – रविवार*
*✴️विक्रम संवत् – 2083*
*✴️अयन – दक्षिणायण*
*✴️ऋतु – शरद*
*✴️मास – आश्विन 18*
*✴️पक्ष – कृष्ण*
*✴️तिथि – नवमी प्रातः 03:53 अक्टूबर 05 तक, तत्पश्चात् दशमी*
*✴️नक्षत्र – पुनर्वसु मध्यरात्रि 12:13 तक तत्पश्चात् पुष्य*
*✴️योग – परिघ दोपहर 12:32 तक तत्पश्चात् शिव*
*✴️राहुकाल – शाम 04:42 से शाम 06:11 तक*
*✴️सूर्योदय – 06:19*
*✴️सूर्यास्त – 06:11*
*✴️दिशा शूल – पश्चिम दिशा में*
*✴️ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:42 से प्रातः 05:31 तक*
*✴️अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:52 से दोपहर 12:39 तक*
*✴️निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:51 से मध्यरात्रि 12:40 तक*
*✴️व्रत पर्व विवरण – रविपुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग (मध्यरात्रि 12:13 से 05 अक्टूबर सूर्योदय तक), नवमी श्राद्ध*
*✴️विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🌞अश्विन माह🌞*
*✴️अश्विन हिन्दू धर्म का सप्तम महिना है। अश्विन नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम अश्विन पड़ा (अश्विनीनक्षत्रयुक्ता पौर्णमासी यत्र मासे सः)। आश्विन मास का संबंध अश्विनौ से है जो सूर्य के दो पुत्र हैं और देवताओं के चिकित्सक हैं। इस मास का एक नाम क्वार भी है। उत्तर भारत हिन्दू पंचांग के अनुसार अश्विन का आरम्भ हो चुका है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अभी भाद्रपद मास चल रहा है) ।*
*✴️महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार “तथैवाश्वयुजं मासमेकभक्तेन यः क्षिपेत्। प्रज्ञावान्वाहनाढ्यश्च बहुपुत्रश्च जायते।।” जो अश्विन मास को एक समय भोजन करके बिताता है, वह पवित्र, नाना प्रकार के वाहनों से सम्पन्न अनेक पुत्रों से युक्त होता है ।*
*✴️आश्विने भौमावास्याम जायते खलु पार्वती। विविध विपदाम धनक्षयं पापाचारम वर्धते।।*
*✴️महाभारत अनुशासन पर्व के अनुसार जो अश्विन मास में ब्राह्माणों को घृत दान करता है, उस पर दैव वैद्य अश्विनीकुमार प्रसन्न होकर उसे रूप प्रदान करते हैं ।*
*✴️शिवपुराण के अनुसार अश्विन में धान्य दान करने से अन्न तथा धन की वृद्धि होती है।*
*✴️अग्निपुराण के अनुसार अश्विन के महिने में गोरस- गाय का घी, दूध और दही तथा अन्न देनेवाला सब रोगों से छुटकारा पा जाता है।*
*✴️आश्विने कृष्णपक्षे तु षष्ठ्यां भौमेऽथ रोहिणी । व्यतीपातस्तदा षष्ठी कपिलानन्तपुण्यदा ।।*
*✴️अश्विन महिने के कृष्णपक्ष की षष्ठी के दिन मंगलवार, रोहिणी नक्षत्र और व्यतिपात हो तो वह अनंत पुण्य देने वाला कपिला षष्टी योग कहा जाता है। यह योग बहुत दुर्लभ है।*
*✴️शिवपुराण के अनुसार सती ने अश्विन मास में नंदा (प्रतिपदा, षष्ठी और एकादशी) तिथियों में भक्तिपूर्वक गुड़, भात और नमक चढाकर भगवान शिवका पूजन किया और उन्हें नमस्कार करके उसी नियम के साथ उस मास को व्यतीत किया।*
*✴️अश्विन कृष्णपक्ष को पितृपक्ष महालय के नाम से जाना जाता है जिसमें पितृ ऋण से मुक्त होने तथा पितरों को तृप्त करने के उद्देश्य से श्राद्ध किया जाता है।*
*🌞पितृ पक्ष🌞*
*✴️अभी पितृ पक्ष चल रहा है अपने घर के लोग जो गुजर गये हैं। उनकी आत्मा को शांति देने के लिए इतना जरूर करें कि अब सर्व पितृ अमावस्या आयेगी, (10 अक्टूबर 2026 शनिवार को ) उस दिन गीता का 7 अध्याय पाठ करें,सूर्य भगवान के सामने जल और अन्न ले जाकर प्रार्थना करें कि: “हे सूर्यदेव, यमराज आपके पुत्र हैं, हमारे घर के जो भी गुजर गये उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, आज के गीता के पाठ का पुण्य उनके लिए दीजिये” पितृ गण राजी होंगे, घर में अच्छी संतान जन्म लेगी यह सर्व पितृ अमावस्या के दिन जरूर करें।*
*🌞दैनिक राशिफल🌞*
*04 अक्टूबर, 2026, रविवार*
*✴️मेष राशि : व्यवसाय में नए अनुबंध लाभदायक रहेंगे। संतान की चिंता रहेगी। नई योजना बनेगी। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। विवाद से बचें। वाहन सुख मिलेगा।*
*✴️वृष राशि : समय रहते जरूरी कार्य पूरा करें। धार्मिक यात्रा संभव है। राजकीय बाधा दूर होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। निवेशादि मनोनुकूल रहेगा। आवश्यकता रहेगी। कुछ भी बोलने से पहले सोचें।*
*✴️मिथुन राशि : हर किसी पर बहूत जल्दी विश्वास न करें। अपने राज दूसरों को न बताएं, मुसीबत में फंस सकते हैं। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। चोट-चोरी से हानि संभव है,जोखिम न उठाएं।*
*✴️कर्क राशि : लंबे समय से चली आ रही परिवार की समस्या दूर होगी। गृहस्थ सुख मिलेगा। बाहरी सहयोग से कार्यसिद्धि होगी। अज्ञात भय से चिंता रहेगी। व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा।*
*✴️सिंह राशि : मन के अनुकूल काम न होने से परेशानी बढ़ सकती है। तनाव तथा चिंता वृद्धि होगी। संपत्ति के कार्य से लाभ होगा। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा होगी। भवन बदलने के योग बन रहे हैं।*
*✴️कन्या राशि: जो आपके कार्य में अवरोध पैदा कर रहे थे।वह आपके कार्य की प्रशंसा करेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल होंगे।निवेश यात्रा मनोनुकूल लाभ देंगे।*
*✴️तुला राशि : अपने विवेक से रुके काम पूरे करेंगे। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शारीरिक पीड़ा संभव है। चिंता, तनाव व भय का वातावरण बनेगा। दुखद समाचार मिल सकता है।*
*✴️वृश्चिक राशि : प्रतियोगी परीक्षा में प्रयास सफल होंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी, जोखिम न लें। विवाह में आ रही परेशानी को दूर करने के लिए सबसे सलाह लें।*
*✴️धनु राशि : समय से अपने काम को करना सीखें। जीवनसाथी की चिंता रहेगी। शुभ समाचार मिल सकता है। धनलाभ होगा। निवेश शुभ रहेगा, जोखिम न लें।*
*✴️मकर राशि : व्यवसाय में उन्नति के अवसर आएंगे। अचानक लाभ के अवसर हाथ में आएंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। चिंता रहेगी। न्यायपक्ष मजबूत होगा।*
*✴️कुंभ राशि : न चाहते हुए भी आपको दूसरों के लिए काम करना होगा। विवाद आदि से सम्मान को ठेस पहुंच सकती है। फालतू खर्च बढ़ेंगे। तनाव व चिंता का माहौल रहेगा।*
*✴️मीन राशि : आप जो सोचते हैं वो तो करते नहीं और दूसरे लोगों की बातों पर जल्द विश्वास करते हैं। स्वविवेक से सोचें। बकाया वसूली होगी। तनाव और अशांति रह सकती है। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे।*
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