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March 4, 2026 12:15 am

Pradeep Bhandari releases Jan Ki Baat Uttarakhand Poll, BJP could win if elections are held today | उत्तराखंड में आज हों चुनाव तो किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज? सर्वे में हुआ खुलासा

हरिद्वार: जन की बात (Jan Ki Baat) के संस्थापक और चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी (Pradeep Bhandari) ने जन की बात उत्तराखंड पोल (Jan Ki Baat Uttarakhand Poll) जारी किया है जो दिखाता है कि अगर राज्य में आज विधान सभा चुनाव होते हैं तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) फिर जीत सकती है. 

सितंबर में किया गया था सर्वे

इस सर्वे को 20 सितंबर से 26 सितंबर के बीच आयोजित किया गया था, जिसमें रेंडम लोगों से पर्सनली और ग्रुप में बात करके उनके मन को जानने की कोशिश की गई, और फिर कंपाइलर रिजल्ट जारी किया गया. सर्वे के मुताबिक, अगर आज उत्तराखंड में इलेक्शन होते हैं तो बीजेपी को 45 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है. जबकि कांग्रेस (Congress) को 43 प्रतिशत और आम आदमी पार्टी (AAP) को सिर्फ 12 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं.

सीएम के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी?

इस सर्वे के दौरान लोगों से ये जानने की भी कोशिश की गई कि चुनाव में मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर होगी या नहीं? उत्तरदाताओं में से 45% का कहना है कि वर्तमान बीजेपी के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है. जबकि 36 प्रतिशत लोगों ने चुनाव में सत्ता विरोधी लहर होने की उम्मीद जताई. वहीं 19 प्रतिशत उत्तरदाता ऐसे थे जिन्होंने इसके बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही. यानी जैसे-जैसे हम चुनाव के करीब आते जा रहे हैं, यह 19 प्रतिशत मतदाता या तो भाजपा के पक्ष में या उसके खिलाफ जा सकते हैं और यह एक मेक या ब्रेक फैक्टर हो सकता है.

मोदी फैक्टर कर रहा बीजेपी की मदद

गौरतलब है कि पार्टी ने तीन बार मुख्यमंत्री बदले हैं, इस बात से नाराज होने के बावजूद मोदी फैक्टर बीजेपी की मदद करता दिख रहा है. सर्वे में 55% उत्तरदाताओं का कहना है कि अभी बीजेपी के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है. जबकि 32 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने विरोधी लहर होने की बात कही है. वहीं 13 प्रतिशत का कहना है कि वे इस बारे में नहीं जानते. 

टिकट डिस्ट्रीब्यूशन होगा Key फैक्टर

60 प्रतिशत उत्तरदाताओं का कहना है कि विधायकों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है, जबकि केवल 28 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनका कहना है कि विधायकों के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी नहीं है. वहीं सिर्फ 12 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिस बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही है.

सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री कौन?

जब लोगों से पूछा गया कि अगर आज चुनाव होते हैं तो आप किसे मुख्यमंत्री बनते देखना पसंद करेंगे? तो 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं का कहना है कि हरीश रावत उनके पसंदीदा मुख्यमंत्री हैं, लेकिन जब पार्टी की बात आती है, तब भी भाजपा के पास एक बढ़त होती है. भाजपा के पुष्कर धामी, जो वर्तमान मुख्यमंत्री हैं, को 25 प्रतिशत उत्तरदाताओं का समर्थन प्राप्त है, जबकि 19 प्रतिशत का कहना है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल बलूनी उनके पसंदीदा मुख्यमंत्री हैं. वहीं 9 प्रतिशत कहते हैं आम आदमी पार्टी के अजय कोठियाल उनकी मुख्यमंत्री की पसंद हैं.

सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा क्या होगा?

सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा क्या होगा? जब इस बारे में लोगों से पूछा गया तो 43 प्रतिशत लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बताया. उत्तरदाताओं के एक ही समूह ने यह भी जोड़ा कि पलायन बेरोजगारी के कारण होता है और केवल महामारी के दौरान समस्या बढ़ जाती है. जबकि 20 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और पानी सर्वोच्च चुनावी मुद्दा है. वहीं 13 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बताया.

बार-बार बदलाव से बीजेपी को नुकसान?

पार्टी ने तीन सीएम बदले हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या बार-बार नेतृत्व बदलने का नुकसान बीजेपी को चुनाव में होगा? सर्वे में 64 प्रतिशत उत्तरदाताओं लोगों ने बीजेपी को चुनाव में बार-बार बदलाव का कुछ नुकसान होने की बात कही. जबकि 36 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने ऐसा कुछ भी होने से इनकार किया.

कोविड की स्थिति को कैसे संभाला?

जन की बात पोल के अनुसार उत्तराखंड की 53 प्रतिशत जनता मानती है कि उत्तराखंड सरकार ने कोरोना के खिलाफ अच्छे तरीके से लड़ाई लड़ी. जबकि 47 प्रतिशत लोगों ने इसका अपोजिट जवाब दिया और कहा कि बीजेपी कोरोना को ज्यादा बेहतरी तरीके से कंट्रोल कर सकती थी.

क्या जाति आधारित होगी वोटिंग?

जन की बात पोल के अनुसार अगर अभी चुनाव होते हैं तो उत्तराखंड में 62 प्रतिशत ब्राह्मण भारतीय जनता पार्टी को वोट कर सकते हैं. जबकि सिर्फ 34% ब्राह्मण मतदाता कांग्रेस को पसंद करते हैं. वहीं 50 प्रतिशत ठाकुरों ने भी बीजेपी को अपनी पहली पसंद बताया है. सिर्फ 47 प्रतिशत ठाकुर ऐसे हैं जो कहते हैं कि कांग्रेस उनकी पसंद की पार्टी है. इतना ही नहीं, 62 प्रतिशत ओबीसी उत्तरदाता बीजेपी की फिर से सरकार बनाते देखना चाहते हैं, जबकि 32 प्रतिशत ऐसे हैं जिनकी पसंद कांग्रेस है और 7% आप हैं. अनुसूचित जाति समुदाय के 59% उत्तरदाताओं ने कांग्रेस को पसंद किया, 34% ने भाजपा को और 7% ने आप को पसंद किया. मुस्लिम समुदाय के 78% उत्तरदाता चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार बनाए, दिलचस्प बात यह है कि 14% ने कहा कि AAP उनकी पसंद है.

सर्वे का अंतिम निष्कर्ष क्या रहा?

1. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले अधिकांश उत्तरदाताओं को लगता है कि BJP सत्ता में लौट सकती है, लेकिन कॉम्पिटिशन कड़ा है.
2. हरीश रावत सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री हैं, उसके बाद पुष्कर धामी और अनिल बलूनी हैं.
3. AAP उत्तराखंड में कांग्रेस के वोट खा रही है.
4. मुख्यमंत्री के चेहरे में बार-बार बदलाव उत्तराखंड में भाजपा के लिए एक पुल डाउन फैक्टर रहा है.
5. ब्राह्मण मतदाता कांग्रेस से अधिक भाजपा को पसंद करते हैं.
6. 60% को लगता है कि मौजूदा विधायक सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं.

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