सबकी खबर , पैनी नज़र

June 24, 2026 8:32 pm

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शूलिनी vivi ने THE इम्पैक्ट रेटिंग्स 2026 में ग्लोबल टॉप 200 में अपनी जगह बनाए रखी

सोलन, 24 जून

शूलिनी यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर ‘टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) इम्पैक्ट रेटिंग्स 2026’ में दुनिया की टॉप 200 यूनिवर्सिटीज़ में अपनी जगह बनाई है। इससे सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता), सामाजिक ज़िम्मेदारी और ग्लोबल इम्पैक्ट के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता फिर से साबित हुई है।

यह लगातार पांचवां साल है जब शूलिनी यूनिवर्सिटी को संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) में योगदान के लिए दुनिया की प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि रिसर्च, इनोवेशन, कम्युनिटी एंगेजमेंट, पर्यावरण स्थिरता और ग्लोबल पार्टनरशिप में यूनिवर्सिटी के लगातार किए गए काम का नतीजा है।

THE इम्पैक्ट रेटिंग्स दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मूल्यांकन में से एक हैं, जो यह देखते हैं कि यूनिवर्सिटीज़ ग्लोबल चुनौतियों से निपटने में कैसे योगदान देती हैं। इस साल, 116 देशों और क्षेत्रों की 1,603 यूनिवर्सिटीज़ का मूल्यांकन किया गया। शूलिनी यूनिवर्सिटी को कुल मिलाकर 101–200 के ग्लोबल बैंड में रखा गया और भारत में संयुक्त रूप से चौथा स्थान मिला। यूनिवर्सिटी ने कई SDGs में शानदार प्रदर्शन किया: SDG 7 (किफायती और स्वच्छ ऊर्जा) के लिए दुनिया भर में 13वां और भारत में दूसरा स्थान; SDG 6 (स्वच्छ पानी और स्वच्छता) के लिए दुनिया भर में 47वां और भारत में पांचवां स्थान; और SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) के लिए दुनिया भर में 62वां और भारत में पांचवां स्थान हासिल किया। इसे SDG 12 (ज़िम्मेदार खपत और उत्पादन) और SDG 17 (लक्ष्यों के लिए साझेदारी) के लिए भी 101–200 के ग्लोबल बैंड में रखा गया।शूलिनी यूनिवर्सिटी के फाउंडर चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी के इस विश्वास को दिखाती है कि शिक्षा का असर क्लासरूम से बाहर भी सकारात्मक होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारा हमेशा से मानना ​​रहा है कि यूनिवर्सिटीज़ को समाज में सार्थक योगदान देना चाहिए। यह पहचान हमारे फैकल्टी, रिसर्चर्स, स्टूडेंट्स और पार्टनर्स के समर्पण को दिखाती है, जो असल दुनिया की चुनौतियों के लिए टिकाऊ समाधान बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। हमें गर्व है कि इन प्रयासों को वैश्विक पहचान मिल रही है।”

शूलिनी यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को हासिल करने में सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “सस्टेनेबिलिटी एक साझा ज़िम्मेदारी है। यह उपलब्धि शूलिनी से जुड़े सभी लोगों की है: हमारे फैकल्टी, स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स, एलुमनाई और पार्टनर्स सब की मेहनत है। इसके अलावा हम रिसर्च, इनोवेशन,कम्युनिटी आउटरीच और वैश्विक सहयोग के ज़रिए, हम ऐसे समाधानों पर काम कर रहे हैं जो समाज में सार्थक बदलाव ला सकें।”

शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि ये रेटिंग्स रिसर्च, इनोवेशन और स्टूडेंट्स की सफलता पर यूनिवर्सिटी के लंबे समय से जारी फोकस को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया की टॉप 200 यूनिवर्सिटीज़ में हमारी लगातार मौजूदगी उन फैसलों को दिखाती है जो हमने शुरू से ही रिसर्च, इनोवेशन, एकेडमिक एक्सीलेंस और स्टूडेंट्स के सार्थक नतीजों को प्राथमिकता देने के लिए लिए थे। हमें गर्व है कि हमने भारतीय मूल्यों पर आधारित और शिक्षा, इनोवेशन व सस्टेनेबिलिटी के ज़रिए असर डालने के लिए प्रतिबद्ध एक ऐसी यूनिवर्सिटी बनाई है जिसकी सोच वैश्विक है। हमारा अगला लक्ष्य टॉप 100 वैश्विक यूनिवर्सिटीज़ में शामिल होना है।”

यह उपलब्धि रिसर्च पब्लिकेशन, इनोवेशन-आधारित प्रोजेक्ट्स, सस्टेनेबिलिटी पहल, आउटरीच प्रोग्राम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने कई SDGs (सतत विकास लक्ष्यों) में यूनिवर्सिटी के प्रदर्शन में योगदान दिया है।

पिछले कुछ वर्षों में, शूलिनी यूनिवर्सिटी भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक के रूप में उभरी है। यूनिवर्सिटी ने 2,000 से ज़्यादा इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा)आवेदन किए हैं, QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग सहित प्रमुख वैश्विक रैंकिंग में पहचान हासिल की है, और रिसर्च, इनोवेशन व एंटरप्रेन्योरशिप के लिए एक मज़बूत इकोसिस्टम बनाया है। इसके स्टूडेंट्स और फैकल्टी रिसर्च, स्टार्टअप्स और ऐसे समाधानों में योगदान देना जारी रखे हुए हैं जो असल दुनिया की चुनौतियों का समाधान करते हैं।

 

शूलिनी यूनिवर्सिटी | THE इम्पैक्ट रेटिंग्स 2026 – एक नज़र में

•     ओवरऑल: दुनिया में टॉप 200 (101–200 बैंड) में, भारत में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर

•     ट्रैक रिकॉर्ड: UN सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को आगे बढ़ाने के लिए लगातार पांचवें साल ग्लोबल टॉप 200 में शामिल

•     बेहतरीन नतीजा: SDG 7 (किफायती और स्वच्छ ऊर्जा) के लिए दुनिया में 13वें और भारत में दूसरे स्थान पर

•     स्वच्छ पानी: SDG 6 (स्वच्छ पानी और स्वच्छता) के लिए दुनिया में 47वें और भारत में पांचवें स्थान पर

•     क्लाइमेट एक्शन: SDG 13 (क्लाइमेट एक्शन) के लिए दुनिया में 62वें और भारत में पांचवें स्थान पर

•     दायरा: 116 देशों और क्षेत्रों की 1,603 यूनिवर्सिटीज़ के साथ मूल्यांकन किया गया