अटल टनल के आसपास, मनाली, केलांग, डलहौजी और पांगी-भरमौर, ऊपरी शिमला, किन्नौर व मंडी के सराज, कांगड़ा में धौलाधार की पहाड़ियों में बर्फबारी हुई है। मनाली और डलहौजी में यह इस सीजन की पहली बर्फबारी है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले भागों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। प्रदेश की चोटियों और निचले इलाकों खासकर अटल टनल रोहतांग के दोनों छोरों, सोलंगनाला और कोठी में एक फुट से अधिक बर्फबारी हुई है। प्रदेश के आठ जिलों शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, मंडी, सिरमौर, चंबा और कांगड़ा जिले की चोटियों पर बर्फबारी,
मैदानी जिलों में बारिश से ढाई माह
का सूखा खत्म हुआ है। भारी बारिश
से पांच नेशनल हाईवे समेत 130
सड़कों पर यातायात ठप हो गया है।
395 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने
से कई इलाकों में ब्लैकआउट है।शिमला के कुफरी, फागू, छराबड़ा,
नारकंडा, खड़ापत्थर, नेरवा, चौपाल
के अलावा किन्नौर के छितकुल
व अन्य ऊपरी क्षेत्रों, सिरमौर के
चूड़धार, नौहराधार, मंडी के शिकारी
देवी, कमरुनाग, सिराजघाटी के
सोमनाची के गोंथला, मनाली और
ऊपरी इलाकों, पूरी लाहौल-स्पीति
घाटी, चंबा के पांगी, भरमौर और
निचले इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों के वाहन नेहरू कुंड से आगे नहीं भेजे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा सड़कें लाहौल-स्पीति में बंद हैं। किन्नौर जिले के नाथपा में भूस्खलन। से नेशनल हाईवे पांच बाधित हो गया। जिले के छितकुल व अन्य ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। उधर, ऊपरी शिमला के नारकंडा, फागू,कुफरी, खड़ापत्थर, चौपाल के चंबी में बर्फबारी से बसों की आवाजाही बाधित हुई है। बर्फबारी से फागू के पास सुबह करीब 12 एचआरटीसी और निजी बसें फंस गईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का
सामना करना पड़ा। इसके बाद बसें
वापस शिमला लौट गईं। चंबा के
जनजातीय क्षेत्र पांगी में बर्फबारी
के बाद लोग अपने घरों में दुबक कर रह गए हैं। हालांकि, बर्फबारी और बारिश ने किसानों-बागवानों को संजीवनी देने का काम किया है। मनाली पुलिस ने सुरक्षित निकाले बर्फबारी से अटल
टनल इलाके में फंसे 300 पर्यटक
30 जनवरी की रात को मौसम खराब
होने के कारण अटल टनल रोहतांग
में पर्यटकों के लगभग 50 वाहन बर्फबारी में फंस गए थे। वाहनों में
लगभग 300 लोग सवार थे। सभी
वाहनों को पर्यटकों सहित डीएसपी
मनाली केडी शर्मा ने अपनी टीम के साथ सुरक्षित निकाला है।





