सोलन, 5 जून
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, शूलिनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस (एसआईएलबी) ने पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने और छात्रों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक कहानी सुनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया।
एसआईएलबी की निदेशक डॉ. शालिनी शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण, स्थिरता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर रचनात्मक रूप से अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार हैं:
• प्रथम स्थान: सांवरी, चौथे सेमेस्टर, एम.एससी. बायोटेक्नोलॉजी
• द्वितीय स्थान: नेहा पिट्टन, चौथे सेमेस्टर, एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी
• तृतीय स्थान: प्राची, चौथे सेमेस्टर, एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी
डॉ. शालिनी शर्मा ने विजेताओं को सम्मानित किया और सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय भागीदारी और ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दियाकि सार्थक पर्यावरणीय परिवर्तन व्यक्तिगत स्तर से शुरू होता है। उन्होंने छात्रों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने और हरित एवं अधिक टिकाऊ भविष्य के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन शैली है। हमारे पर्यावरण की रक्षा और पोषण में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। लगातार किए गए छोटे-छोटे प्रयास महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।”








